गंगनहर में पानी कम, रजबहे और माइनर बंद
मुजफ्फरनगर। ऊपरी गंगनहर में पानी कम आने के कारण जिले के 24 रजबहे और माइनर बंद हैं। इससे किसानों की फसलों की सिंचाई प्रभावित हो रही है। सिंचाई विभाग का कहना है कि पहाड़ों पर ग्लेशियरों के कम पिघलने के कारण गंगा में ही पानी कम आ रहा है, जिससे गंगनहर में क्षमता से भी कम पानी आ रहा है।
हरिद्वार के मायापुर रग्यूलेटर से निकली गंगनहर की क्षमता वैसे तो 13 हजार क्यूसेक पानी की है। इस क्षमता से बरसात में ही पानी छोड़ा जाता है। बाकी समय में गंग नहर में दस हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जाता है। गर्मी के महीनों में पानी कम ही आता है, मगर इस वर्ष बहुत ही कम पानी गंग नहर में आ रहा है।
शुक्रवार को हरिद्वार गंगा में 8141 क्यूसेक पानी रहा, जबकि गंग नहर में 5400 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। गर्मी में इन दिनों खरीफ फसलों की सिंचाई के लिए 8000 क्यूसेक पानी की डिमांड है। पानी कम आने के कारण सिंचाई विभाग ने 88 में से 24 रजबहे और माइनर बंद कर रखे हैं। जिससे किसानों की फसलों की सिंचाई प्रभावित हो रही है।
1.16 लाख हेक्टेयर भूमि की होती है सिंचाई
जिले में गंगनहर से निकलने वाली 88 नहरे, रजबहों और माइनरों से 1.16 लाख हेक्टेयर भूमि की सिंचाई होती है। रवी फसल में 46 हजार हेक्टेयर भूमि की सिंचाई का लक्ष्य था। अब खरीफ फसल में 73 हजार हेक्टेयर भूमि सिंचाई का लक्ष्य है। जो इनमें कम पानी में पूरा नहीं हो सकता।
ये रजबहे, माइनर है बंद
गंगनहर में पानी कम आने के कारण सिंचाई विभाग रोस्टर से पानी की आपूर्ति कर रहा है। इस समय रजबहा सर्की, तुगलकपुर माइनर, भोकरहेड़ी रजबहा, फिरोजपुर रजबहा, राइट जौली रजबहा, राइट मौहम्मदपुर रजबहा, भोकरहेड़ी माइनर, पुरकाजी माइनर, सैदपुर माइनर, फलौदा रजबहा, मैन सरवट रजबहा, बागोवाली माइनर, राइट सरवट रजबहा, सिसौना माइनर, पचैंड़ा रजबहा, मुस्तफाबाद माइनर, मखियाली रजबहा, जड़ौदा रजबहा, लुहारी रजबहा, खुसरोपुर माइनर, मुबारिकपुर माइनर आदि बंद है।
सिंचाई हो रही प्रभावित
भैंसी के किसान धर्मेंद्र दलाल का कहना है कि जौली राइट रजबहे में पानी नहीं है। गन्ने की बुवाई करनी है। पंपिंग सेट लगा कर खेत की सिंचाई करनी पड़ी है। गांव करहेड़ा के किसान बिन्नू राठी का कहना है कि रजबहे में पानी नहीं आने के कारण महंगा डीजल फूंक कर सिंचाई करनी पड़ रही है।
वर्ष गंग नहर में पानी हरिद्वार में उपलब्धता
16 अप्रैल 2021 5400 क्यूकेस 8141 क्यूसेक
16 अप्रैल 2020 9024 क्यूकेस 30052 क्यूसेक
16 अप्रैल 2019 7555 क्यूकेस 34634 क्यूकेस
- ग्लेशियर कम पिघलने के कारण गंगा में ही पानी कम आ रहा है। कुंभ में भी पानी की ज्यादा जरूरत रही। जिससे गंग नहर में कम पानी है। पानी का उतार चढ़ाव चल रहा है। फिर भी प्रयास किया जा रहा है कि रोस्टर के अनुसार रजबहों और माइनरों में पानी छोड़ा जाए, जिससे सिंचाई प्रभावित न हो। जो रजबहे, माइनर बंद है, उनके अगले सप्ताह पानी छोड़ा जाएगा।
- हरि शर्मा, अधिशासी अभियंता, ऊपरी गंग नहर प्रणाली, मुजफ्फरनगर खंड