छात्राएं सेल्फ डिफेंस का प्रशिक्षण लें और खुद अपनी रक्षा करें
खतौली। अमर उजाला फाउंडेशन की अनूठी पहल अपराजिता-100 मिलियन स्माइल्स अभियान के तहत विद्योत्तमा कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय में सेल्फ डिफेंस कार्यशाला का आयोजन किया गया। सीओ आशीष प्रताप सिंह ने कहा कि सेल्फ डिफेंस का सभी छात्राओं को प्रशिक्षण लेना चाहिए। इंस्पेक्टर संतोष कुमार त्यागी ने छात्राओं को पुलिस हेल्पलाइन 1090 और 112 के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि छात्राएं अपने बचाव में इन हेल्पलाइन पर फोन कर सकती हैं। छात्राओं ने सीओ से प्रश्न पूछे। सीओ ने जवाब देकर छात्राओं को संतुष्ट किया। स्कूल की छात्राएं और शिक्षिकाएं शपथपत्र भरकर इस अभियान से जुड़ीं। कालेज में कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्य डा. पवन ऑबराय ने किया।
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1-छात्रा श्रद्धा ने प्रश्न पूछा कि अगर उनका सामना शोहदों से हो जाए, तो वे उनसे कैसे मुकाबला करें। छात्राओं को इसके बारे में जानकारी होनी चाहिए।
सीओ-शोहदों से कतई न घबराएं। आप उनको सबक सिखाने के लिए डटकर मुकाबला करें और इसी जानकारी तुरंत मोबाइल द्वारा हेल्पलाइन नंबर पर पुलिस को दें।
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2-छात्रा मानवी ने प्रश्न पूछा कि कालेज में आते और जाते हुए अगर तीन-चार छात्राओं के साथ अचानक कोई छेड़छाड़ कर दें, तो वे अपना किस तरह से बचाव कर सकती हैं। सेल्फ डिफेंस के माध्यम से छात्राएं कैसे बचाव करें।
-सीओ-स्कूल में आते और जाते समय सभी छात्राएं समूह बनाकर निकलें। आपके समूह को देखकर कोई छेड़छाड़ करने की हिम्मत नहीं जुटा सकता। फिर भी तुरंत शोर मचाए और इसकी सूचना पुलिस को दें। अपने टीचर और परिजनों से हर बार शेयर करें।
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3-छात्रा शालू ने पूछा कि सरकार का मकसद है कि महिलाओं को सशक्त होना चाहिए। इसके लिए महिलाओं को कैसे जागरूक किया जाए।
सीओ- महिलाओं को जागरूक करने की जिम्मेदारी हम सभी की होती है। लड़कियां अपने आसपड़ोस के घरों में जाएं और महिलाओं को सशक्तीकरण के बारे में समझा करके उनको जागरूक करें।
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4-छात्रा स्वाति ने पूछा कि समाज में लड़कियों को दबाया जाता है। उनको आगे बढ़ने का मौका नहीं दिया जाता है। समाज की इस तरह की सोच को कैसे बदला जा सकता है।
-सीओ-महिलाओं में मोस्ट पावर होती है। समाज को अपनी पावर का अहसास कराओ। उन्हें बताएं कि वे भी उच्च शिक्षा प्राप्त करके देश और अपने परिवार का नाम रोशन कर सकती हैं।
फोटो-प्राचार्य
सेल्फ डिफेंस का प्रशिक्षण लेना आज के युग में बेहद जरूरी हो गया है। सेल्फ डिफेंस के माध्यम से छात्राएं स्वयं शोहदों के खिलाफ आवाज उठा सकती हैं, उनको सबक सिखा सकती हैं। सेल्फ डिफेंस का पहला सूत्र है हौसला। डा. पवन ऑबराय।
खतौली के विद्योत्तमा कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय में शपथ पत्र भरकर अपराजिता कार्यक्रम से जु?- फोटो : KHATAULI
खतौली के विद्योत्तमा कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय में अमर उजाला के अपराजिता की ओर से आयोजित से- फोटो : KHATAULI