फोटो कैप्सन बुढ़ाना 16द्वठ्ठद्दड्ढस्रठ्ठ2 में तहसील परिसर में धरने पर बैठे अधिवक्ता।
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बुढ़ाना। सिसौली कस्बे को तहसील का दर्जा देने की सरकार की कार्रवाई से नाराज बुढ़ाना तहसील के अधिवक्ताओं ने अनिश्चितकालीन कलमबंद हड़ताल की घोषणा की। कार्यों का बहिष्कार कर सभी अधिवक्ताओं ने तहसील परिसर में धरना दिया।
सिसौली कस्बे को तहसील का रुतबा देने की सरकार व प्रशासन की मंशा को लेकर बुढ़ाना तहसील के अधिवक्ताओं में रोष है। अधिवक्ताओं का कहना है कि सिसौली कस्बे को तहसील बनाने में नवसृजित तहसील संबंधी कोई मानक पूरा नही होता। बुढ़ाना से मात्र 10-12 किमी की दूरी पर तहसील का सर्जन करना न्यायोचित नही है। इसी मुद्दे को लेकर बुढ़ाना तहसील के सभी अधिवक्ताओं ने सिसौली को तहसील बनाने का विरोध करते हुए अनिश्चितकालीन कलमबंद हड़ताल की घोषणा की। अधिवक्ताओं ने न्यायालयों में कार्य नही किया। कलमबंद हड़ताल की घोषणा के बाद सभी अधिवक्ता तहसील परिसर में सड़क के बीच धरने पर बैठ गए।
वक्ताओं ने कहा कि पहले भी खतौली व शामली तहसील के बनने के दौरान बुढ़ाना तहसील के गांवों को काट लिया गया था। बुढ़ाना तहसील का आकार छोटा हो चुका है। सिसौली कस्बा बुढ़ाना से थोड़ी दूरी पर है। वहां तहसील बनना गलत कदम होगा। अधिवक्ताओं ने कहा कि इस संबंध में वे राजस्व मंत्री व मुख्यमंत्री से मिलेंगे। मंत्रियों को वस्तुस्थिति से अवगत कराया जाएगा। अधिवक्ताओं ने चेतावनी देते हुए कहा कि जब तक उनकी बात नही सुनी जाएगी, वकीलों की अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहेगी।