मुजफ्फरनगर। शनिवार और रविवार को दोनों ही दिन देवोत्थान एकादशी मनाई गई। मांगलिक कार्यों के शुभारंभ होते ही शादी समारोह पर खूब शहनाइयां गूंजीं। शहर के सभी बारातघर और बैंक्वेट हॉल में दिन और रात भर रौनक रही। दोनों समय के मुहूर्त में जोड़ों ने सात फेरे लिए।
शहर में देवोत्थान एकादशी पर देव जाग गए और लोगों ने मंगल कार्य कर स्वागत किया। भगवान शालिग्राम व देवी तुलसी के विवाह की रस्म रविवार को जगह-जगह निभाई गईं। इसी के साथ शादियों का सिलसिला भी शुरू हुआ। दिन व रात में मंडपों में शादियां हुईं। नवविवाहित जोड़ों ने पूरे रीति रिवाज के साथ सात फेरे लिए। जिले में 250 से अधिक शादियां हुई और सड़कों पर लोगों की भीड़ रही। शाम के समय बैंडबाजों की धुन पर लाइटों से मैरिज होम समेत अन्य जगह जगमग दिखाई दिए।
दूल्हे राजा बग्घी पर सवार होकर बरात लेकर पहुंचे। ब्यूटी पार्लर पर आज के दिन के लिए दुल्हनों ने एक महीना पहले बुकिंग करा ली थी। आचार्य जगमोहन भारद्वाज ने बताया कि देवोत्थान एकादशी की तिथि शनिवार से प्रारंभ होकर रविवार सुबह साढ़े सात बजे तक रही। इसलिए दोनों दिन एकादशी तिथि को माना गया।