कॉमन इंट्रो : मुजफ्फरनगर। अफवाह का सिलसिला ऐसा चला कि डायन बन गया। एक के बाद एक दुर्घटनाएं हो चुकी है। चोर तो नहीं पकड़े गए, लेकिन शोर में आपस में ही गोली लगने से तीन लोगों की अब तक मौत हो चुकी है। बेकसूर लोगों पर जानकारी के अभाव और जल्दबाजी में लोगों ने हमला कर दिया, जिसमें जान पर बन आई। अधिकतर युवा शाम ढलते ही गांव के बाहर टोलियां बनाकर खड़े हो रहे हैं। ऐसे में जिम्मेदार लोगों को आगे आने की जरूरत है। पुलिस ने गश्त बढ़ा दी है। संदिग्ध क्षेत्रों में पुलिसकर्मी पहरेदारी कर रहे हैं। खूफिया विभाग अलर्ट है। ऐसे में उतावलापन दिखाना ठीक नहीं। एसएसपी संजय वर्मा कहते हैं कि पुलिस पहरेदारी कर रही है। लोगों को अफवाह पर ध्यान नहीं देना चाहिए, पुलिस का सहयोग करना होगा।
केस- एक
-खतौली के गांव अंती में 31 जुलाई को किसान संजय को मजदूरों ने ईख के खेत में बदमाशों के होने की सूचना दी थी। किसान व उसका बेटा प्रिंस खेत में बदमाशों को तलाश रहे थे। इस दौरान प्रिंस से गलती से लाइसेंसी बंदूक से गोली चलने पर किसान पिता घायल हो गया था। बाद में घायल की मौत हो गई। पुलिस ने बेटे को गिरफ्तार किया था। बदमाश कहीं नहीं मिले।
केस दो
जानसठ में रात के समय विपिन को गलती से गांव के ही युवक गौरव के हाथ से चाकू लग गया था। घायल की उपचार के दौरान मौत हो गई थी। मृतका की पत्नी की तरफ से मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने गैर इरादतन हत्या के आरोप में गौरव को गिरफ्तार कर लिया था। बताया जा रहा है कि युवकों की मंडली पहरे की तैयारी कर रही थी।
केस तीन
छपार के गांव रामपुर में गांव में पहरा देने के दौरान बदमाशों के आने के मचे शोर के समय शुक्रवार अलसुबह पूर्व प्रधान प्रशांत के पुत्र अंश की अपने ही तमंचे से चली गोली लगने से मौत हो गई। पूरे क्षेत्र में गम का माहौल बन गया।
ठेकेदार को ढूंढ रहे थे, चोर समझकर पीटा
मुजफ्फरनगर। रविवार दोपहर थाना सिविल लाइन क्षेत्र की कच्ची सड़क पर स्थित इंद्रा कॉलोनी में एक महिला व चार युवक घूम रहे थे। इसी बीच वह एक एक घर में घुस गए। अनजान युवकों व महिला को देखकर घर में मौजूद लोगों ने चोर-चोर का शोर मचा दिया। कुछ ही देर में काफी लोग एकत्र हो गए। लोगों ने घर में घुसे चारों युवकों को पकड़ कर पीटना शुरू कर दिया। किसी ने यह सूचना पुलिस को दे दी तब पुलिस ने पहुंच कर युवकों को हिरासत में ले लिया। पुलिस को युवकों ने अपने नाम बिलासपुर निवासी विशाल व तीन युवकों ने हस्तिनापुर निवासी सुधांशु, समरपाल, आगोश बताए। उन्होंने पुलिस को बताया कि वह पेंट का काम करते है। उन्होंने एक ठेकेदार के पास मजदूरी के रुपये बकाया था। उन्हें जो पता बताया गया था, वह उसी पते पर पहुंचे थे। संवाद