मुजफ्फरनगर। जिले में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को निशुल्क मार्गदर्शन देने के उद्देश्य से शुरू की गई मुख्यमंत्री अभ्युदय कोचिंग योजना में इस बार भी किसी अभ्यर्थी को सफलता हासिल नहीं हुई है।
संघ लोक सेवा आयोग परीक्षा के परिणाम में जिले में संचालित दोनों केंद्रों में से एक भी अभ्यर्थी का चयन नहीं हुआ है। वर्ष 2021 से दो केंद्र संचालित है। इनमें लगभग 22 शिक्षक विभिन्न विषयों में अभ्यर्थियों को मार्गदर्शन के लिए तैनात किए गए हैं।
मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा 16 फरवरी 2021 को शुरू की गई थी। इसके तहत यूपीएससी, पीसीएस, जेईई, नीट, एनडीए, सीडीएस विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए छात्रों को मुफ्त कोचिंग और मार्गदर्शन प्रदान किया जा रहा है।
सभी वर्गों समेत आर्थिक रूप से कमजोर मेधावी छात्रों को निशुल्क गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना इस योजना का उद्देश्य है लेकिन गत पांच वर्ष से चल रही इस कोचिंग के जरिए एक भी छात्र का चयन न होना शैक्षिक गुणवत्ता और व्यवस्थाओं पर प्रश्नचिह्न लगा रहा है।
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विभाग के मानक अनुसार हो रहा कक्षाओं का संचालन
जिला समाज कल्याण अधिकारी कमलेश कुमार का कहना है कि सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी के लिए 50 छात्र पंजीकृत हैं। इसके अलावा जेईई में 50, नीट में भी 50 छात्र पंजीकृत है। छात्रों को लगातार विभाग के मानक के अनुसार शैक्षिक सत्र और अन्य सभी सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। परिणाम छात्रों के अनुशासन, मेहनत और धैर्य पर भी निर्भर करता है। अधिकांश छात्र एक या दो वर्ष में सफलता हासिल न हो पर कोचिंग छोड़ देते हैं।