बसपा सुप्रीमो मायावती ने अपने भाषण में वेस्ट के हर मुद्दे को छुआ। पलायन से लेकर दंगे तक पर उन्होंने सफाई के साथ अपनी बात रखी। सपा सरकार में पश्चिम के युवाओं के साथ नौकरी में हुए सौतेले व्यवहार और गन्ना भुगतान पर भी अपने भाषण का फोकस रखा।
पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने पश्चिम के लोगों की नब्ज पर सीधे हाथ रखा। भाषण में उन्होंने बीच में एक टीचर का पुट भी रखा। लोगों को समझाया कि वह धर्म के नाम पर आपस में न लड़ें। नेता चले जाएंगे, आप लोगों को यहीं रहना है। मुजफ्फरनगर दंगे, मथुरा का जमीन कब्जाने का मामला, दादरी कांड और बुलंदशहर में हुए रेप के मामले की लोगों को याद दिलाई। यह विश्वास दिलाने का प्रयास किया कि एक अच्छी सरकार वह ही दे सकती हैं। बहन जी गन्ने की बात करना भी नहीं भूलीं।
उन्होंने कहा कि गन्ने का उनकी सरकार में समय से भुगतान हुआ। सरकार आई तो आगे भी ऐसा ही होगा। मायावती ने अपने भाषण में मीडिया पर भी निशाना साधा और यहां तक कहा कि सभी एक्जिट पोल फर्जी हैं। सरकारी नौकरियों में पश्चिम के युवाओं की उपेक्षा का मामला भी मायावती ने उठाया। कहा कि बसपा की सरकार आई तो पुरानी भर्तियों की भी जांच कराई जाएगी।
नौ प्रत्याशियों ने रखी अपनी बात
मुजफ्फरनगर। रैली में मायावती के आने से पहले दोनों जिले के प्रत्याशियों को बोलने का मौका दिया गया। कैराना से प्रत्याशी दिवाकर कश्यप, थानाभवन से राव वारिस, शामली से इस्लाम, शहर से राकेश शर्मा, पुरकाजी से अनिल कुमार, मीरापुर से नवाजिश आलम, बुढ़ाना से सईदा बेगम, खतौली से शिवान सैनी, चरथावल से नूरसलीम राना ने विचार रखे। मंच पर पूर्व सांसद कादिर राना, कोआर्डिनेटर अतर सिंह राव, प्रदीप सैनी आदि मौजूद रहे।