कोरोना के कहर के बीच कोरोना से लड़ी जा रही जिंदगी की जंग में लोग डटे हुए हैं। मुजफ्फरनगर में पांच वर्षों से भोपा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर तैनात फार्मासिस्ट प्रशांत कुमार दो सप्ताह से कोरोना से जूझ रहे थे। रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर वह होम क्वारंटाइन हो गए थे। हिम्मत और जज्बे से प्रशांत ने कोरोना को पराजित कर दिया।