एक सप्ताह से कस्बे में वायरल बुखार का प्रकोप चल रहा है। सैकड़ों की तादाद में लोग इसकी चपेट में हैं। सरकारी अस्पताल से लेकर प्राइवेट क्लीनिकों तक मरीजों की लाइनें लगी हुई हैं। इसके अलावा ब्लड टेस्ट करने वालों के यहां भी भीड़ है।
मरीजों को हाथों, पैरों के अलावा सिर और बदन दर्द की शिकायत है। मुंह में छाले पड़ जाने से मरीज कुछ खाने-पीने में भी परेशानी महसूस करते हैं। सीएचसी प्रभारी चिकित्सक डॉ. मुकेश कुमार का कहना है कि इन दिनों 500 मरीज अस्पताल आ रहे हैं, इसमें 300 से लेकर 400 मरीज वायरल बुखार के रहते हैं।
चिकनगुनिया बुखार को लेकर उनका कहना है इसका पुरकाजी में कोई टेस्ट नहीं हो पाता, जिससे यहां पर चिकनगुनिया बुखार की जानकारी कर पाना मुश्किल है। कस्बे के प्रमुख चिकित्सक डॉ. संदीप कौशिक, डॉ. पंकज पंवार का भी यही कहना है कि वायरल बुखार चल रहा है, इसमें मरीज एक सप्ताह तक बुखार से पीड़ित रहकर फिर कई दिनों तक शरीर में दर्द से परेशान रहता है। उन्होंने बताया कि इस बुखार में मरीज को जूस, पानी आदि पीने की चीजों पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए।
नगर पंचायत नहीं करा रही फॉगिंग
कस्बे में बुखार के प्रकोप के बावजूद नगर पंचायत ने फॉगिंग नहीं कराई गई है और न ही नालों की सफाई कराई जा रही है। हालत यह है कि कस्बे के नालों में भयंकर गंदगी के साथ दुर्गंध आ रही है और मच्छर पैदा हो गए हैं। भारत भूषण खुल्लर, संजय वर्मा, निर्दोष जैन, कपिल मित्तल, हरिराम सक्सेना, अर्जुन गुप्ता, मणिकांत गोयल, संजीव छाबड़ा, अरुण गर्ग आदि ने नालों की सफाई और फॉगिंग कराने की मांग की है।