अस्पताल ने मरीज को थमाया पांच लाख का बिल
मुजफ्फरनगर। शासन के आदेश और प्रशासन द्वारा कोविड हॉस्पिटल में रेट लिस्ट चस्पा करने के बाद भी हॉस्पिटल मान नहीं रहे हैं। एक अस्पताल में एक मरीज को 20 दिन का बिल पांच लाख दिए जाने के बाद मामले ने इतना तूल पकड़ा कि एडीएम प्रशासन को मौके पर जाकर मामले को निपटाना पड़ा।
नई मंडी निवासी अंजू गर्ग कोरोना संक्रमण के चलते एक हॉस्पिटल में भर्ती थी। नौ दिन तक वह आईसीयू में रहीं। 16 दिन से ऑक्सीजन पर थीं। अंजू गर्ग के परिजनों ने हॉस्पिटल में दो लाख 90 हजार जमा किए थे। अब हॉस्पिटल ने दो लाख दस हजार का बिल और थमा दिया। परिजनों ने इसे सरकारी रेट के खिलाफ बताया। हॉस्पिटल में लगाई गई सूची के हिसाब से भुगतान की बात कही। मामला इतना बढ़ा कि एडीएम प्रशासन अमित सिंह के पास पहुंच गया। एडीएम हॉस्पिटल पहुंचे। हॉस्पिटल का पर्चा देखने के बाद परिजनों से 50 हजार रुपये दिलाकर फैसला करा दिया गया। हॉस्पिटल को कुल तीन लाख 40 हजार देने पड़े। एडीएम ने बताया कि बैड का किराया प्रशासन के रेट के हिसाब से ही लिया गया है। दवा महंगी थी।ं मामले का निस्तारण हो गया है। प्रशासन ने जब से कोविड हॉस्पिटल में रेट लिस्ट चस्पा की है।