अमर उजाला ब्यूरो
बुढ़ाना। केंद्रीय राज्यमंत्री जयंत सिंह ने कहा कि नई पीढ़ी खेती नहीं करना चाहती। नए दौर में तौर-तरीके बदलने होंगे। किसानों को एफपीओ, कॉपरेटिव और समूह बनाने होंगे। खतौनी में दो-दो बीघा जमीन है, यही वजह है कि किसान परंपरागत खेती छोड़ने की स्थिति में नहीं है। युवाओं को स्किल विकसित करने पर जोर देना होगा।
कांधला रोड स्थित जौला में आयोजित भारत रत्न चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा अनावरण समारोह में रालोद अध्यक्ष ने कहा कि एनडीए सरकार में कोई गबन नहीं कर सकता। कोई अत्याचार नहीं कर सकता, ऐसा करने वालों को बर्दाश्त नहीं किया जाता।
किसान का जीवन परिश्रम का जीवन है, कठिन जीवन है। अधिकतर किसान दो बीघा से कम मालिकाना हक वाले हैं। मंडी में किसान की देखरेख नहीं है, इसी वजह से किसान जोखिम नहीं लेता। चौधरी अजित सिंह की उपलब्धि यह है कि उन्होंने कृषि आधारित उपयोग को देश में स्थापित किया। चीनी मिलों की स्थापना कराई।
उन्होंने कहा कि देश में 2017 से 2021 तक 13 सौ से ज्यादा एसिड अटैक के मामले महिलाओं पर हुए हैं। यह घिनौना अपराध है। इस अपराध को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह वही क्षेत्र है, जहां माया त्यागी कांड में लोग इकट्ठे हो गए थे और देश की तस्वीर बदलने का काम किया था।