तितावी (मुजफ्फरनगर)। बस चालक की लापरवाही से से पलभर में पांच जिंदगियां हमेशा के लिए मौत की नींद सो गई। नंगला नूनाखेड़ा के मजदूर परिवारों के बेटे सरकारी नौकरी के लिए कोचिंग करने मुजफ्फरनगर जाते थे। परिवार को उम्मीद थी कि जल्द नौकरी लगेगी और लाड़ले उनका सहारा बनेंगे, लेकिन हादसे से उम्मीद के चिराग बुझ गए। बुधवार रात गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार कर दिया गया।
नंगला नूनाखेड़ा गांव निवासी एमआर नितिन कश्यप (23) पुत्र सुरेंद्र कश्यप ने परिवार का आर्थिक सहयोग करने के लिए एक कंपनी में नौकरी शुरू की थी। वह रोजाना गांव से मुजफ्फरनगर आवागमन करता था। उसके साथी मजदूर परिवारों के 12वीं पास विक्की (22) पुत्र कंवरपाल और सचिन (22) पुत्र ओमपाल नौकरी की तैयारी कर रहे थे।
इसके लिए रोजाना वह गांव से शहर जाते थे। पड़ोसी होने के कारण उनकी नितिन से दोस्ती थी। कई बार वह उसके साथ बाइक पर शहर तक चले जाते थे। बुधवार सुबह भी तीनों दोस्त सुनहरे भविष्य के सपने सजाए घर से निकले थे। किसी को भी अनहोनी का अंदाजा नहीं था। नंगला नूनाखेड़ा में मातम पसरा है। सचिन के परिवार में उसका छोटा भाई अरुण और विक्की के घर उसका छोटा भाई विकास ही है। जबकि नितिन के दो भाई सोनू और मोनू हैं।
घर में आनी थीं खुशियां, मातम में डूबा तितावी
शामली की ऊन चीनी मिल के कर्मचारी तितावी निवासी विनीत (30) अपनी गर्भवती पत्नी मीनू (26) के साथ अल्ट्रासाउंड कराने के लिए घर से निकला था। सिर्फ 20 मिनट बाद ही हादसे की सूचना गांव में मिली तो गम का पहाड़ टूट पड़ा। दंपती की एक 10 साल की बेटी है, इसके बाद लंबे समय तक कोई संतान नहीं हुई। मीनू गर्भवती हुई तो परिवार में नए सदस्य को लेकर सपने बुने जाने लगे, लेकिन अनहोनी ने परिवार की खुशियां छीन ली। तितावी गांव हादसे के बाद गम में डूबा हुआ है।
मेरठ में उपचार के दौरान हुई सचिन की मौत
नूनाखेड़ा का सचिन गंभीर घायल हुआ। जिला चिकित्सालय से उपचार के लिए मेरठ रेफर किया गया। शाम के समय सचिन की भी मौत हो गई।
हाईवे पर तितावी मिल कर्मचारी की मौत
तितावी। मुजफ्फरनगर की भरतिया कॉलोनी निवासी तितावी चीनी मिल कर्मचारी नीरज (30) बुधवार सुबह मिल से ड्यूटी कर घर वापस अपने घर लौट रहा था। काजीखेड़ा के पास पीछे से ट्रक ने बाइक में टक्कर मार दी। हादसे में नीरज की मौके पर ही मौत हो गई। भरतिया कॉलोनी में गम का माहौल है।
कहां चली गई मौत की नींद सुलाने वाली बस
प्रत्यक्षदर्शियों का दावा है कि बाइकों में पीछे से रोडवेज बस ने टक्कर मारी, जिस कारण हादसा हुआ, लेकिन चालक बस लेकर फरार हो गया। बस कौन से डिपो की थी, कहां से आई थी, कहीं निजी बस तो नहीं थी, ऐसे तमाम सवाल हैं। रोडवेज बस स्टेशन प्रभारी राजकुमार तोमर का कहना है किसी बस से हादसे की सूचना नहीं मिली है। यात्रियों और स्टाफ की ओर से कोई जानकारी नहीं मिली है।
स्वास्थ्य सेवाओं पर फिर उठे सवाल
जिले में गंभीर हादसों के बाद घायलों को उपचार नहीं मिल रहा है। ट्रामा सेंटर भी शुरू नहीं हुआ। यही वजह है कि घायलों को रेफर कर दिया जाता है। इलाज में देरी के कारण घायलों की जान चली जाती है।