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Muzaffarnagar News: रटना नहीं, सूत्र लगाना है गणित में सफलता का मंत्र

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- पिछले पांच साल के प्रश्न पत्रों का नियमित करें अभ्यास
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संवाद न्यूज एजेंसी
चरथावल। गांधी इंटर कॉलेज के गणित प्रवक्ता विजयवीर तोमर ने कहा विद्यार्थी पिछले पांच साल के प्रश्न पत्रों का नियमित अभ्यास करे। बेसिक कंसेप्ट को स्पष्ट रखें। बोर्ड की परीक्षा में छात्र-छात्राएं खुद पर भरोसा रखे। कड़ी मेहनत से तैयारी करे। आठ-आठ नंबरों के कुछ सवाल हर साल आते है, उन्हें हल करने का सतत अभ्यास जरूरी है।
मैट्रिक्स और दो रेखाओं के बीच की दूरी के सवाल हर साल आते हैं। संवेदनशील होकर तैयारी करें। परीक्षा में इस तरह के चार सवाल सही कर लेंगे तो गणित में पास होने से कोई नहीं रोक सकता। पहले आसान प्रश्न को हल करें।
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होशियार और औसत दो तरह के बच्चे होते हैं। होशियार बच्चे तो 100 अंक लाने की तैयारी कर रहे है। वहीं, 60 से 70 फीसदी अंक का लक्ष्य रखने वाले बच्चे पिछले साल के प्रश्न पत्रों का रिवीजन करें।

गणना का करें अभ्यास
पूर्व प्रधानाचार्य एवं गणित प्रवक्ता विजयवीर तोमर का कहना है अधिकांश बच्चे गणना में गलती करते है। गणना को कई मर्तबा अभ्यास करे। एकाग्रता से चेक करे। परीक्षा में सही गणना चेक करने के बाद ही सवाल पूरा करे।
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गणित के सिद्धांत और सूत्र समझकर करें हल
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पुरकाजी। लाला सुखलाल सनातन धर्म इंटर कॉलेज के प्रवक्ता धीरज कुमार गर्ग ने कहा कि सबसे पहले एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तक के सभी मूल सिद्धांतों और सूत्रों को अच्छी तरह समझें। प्रतिदिन अभ्यास करे और अनसोल्ड प्रश्नपत्र हल करे, और परीक्षा पैटर्न के अनुसार समय प्रबंधन सफलता की कुंजी है। केवल सूत्रों को रटने के बजाय, यह समझें कि उन्हें कैसे लागू किया जाता है। सूत्रों की एक नोटबुक बनाएं। परीक्षा से पहले रिवीजन के लिए महत्वपूर्ण सूत्रों और थ्योरम की एक अलग नोटबुक बनाएं। गणित एक अभ्यास का विषय है, इसलिए प्रतिदिन दो घंटे अभ्यास करें। परीक्षा शुरू करने से पहले, प्रश्न पत्र को ध्यान से पढ़ें और उन प्रश्नों को चिह्नित करें जिन्हें आप आसानी से हल कर सकते हैं। गणित में उत्तर से ज्यादा चरणों के अंक होते हैं। इसलिए, हर चरण को स्पष्ट रूप से लिखें।
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