जानसठ(मुजफ्फरनगर)। मीरापुर क्षेत्र के गांव पुट्ठी इब्राहिमपुर निवासी कुलदीप व उसके परिवार ने घर से चलते समय सोचा भी नहीं था कि रास्ते में उनके साथ कोई ऐसा हादसा भी हो सकता है। सभी यह सोच कर घर से चले थे कि शेरनगर पहुंच कर एक साथ पर्व मनाएंगे। हादसे में बहन दीपिका की मौत से बड़े भाई कुलबीर की कलाई सूनी रह गई। रक्षाबंधन
भाई-बहन के अटूट प्रेम और विश्वास का त्योहार रक्षाबंधन इस परिवार के लिए जिंदगी भर का गम दे गया। मीरापुर क्षेत्र के गांव पुट्ठी इब्राहिमपुर निवासी कुलदीप अपनी पत्नी राखी और तीन बच्चों कुलबीर, अंश उर्फ अभी व दीपिका के साथ गांव शेरनगर रक्षा बंधन पर्व मनाने जा रहा था।
परिवार ने घर पर पर्व नहीं मनाया था। बच्चे भी कह रहे थे कि वह मामा के घर जाकर ही राखी बंधवाएंगे। यही सोच कर खुशी मनाते हुए यह परिवार शेरनगर के लिए चला था।
जानसठ क्षेत्र के गांव कवाल में हुए सड़क हादसे में मासूम अंश उर्फ अभी और उसकी इकलौती छोटी बहन दीपिका की मौत हो गई। इस घटना के बाद से बड़े भाई घायल कुलबीर की कलाई सूनी रह गई है, क्योंकि उसकी छोटी बहन ने अभी उसकी कलाई पर राखी नहीं बांधी थी। इस हादसे से पूरे गांव में शोक व्याप्त है। त्योहार की खुशियां मातम में बदल गई हैं।मासूम बच्चों की मौत से हर ग्रामीण की आंखें नम हैं। पूरे क्षेत्र में शोक व्याप्त है।
एक बाइक पर सवार था परिवार
कुलदीप मेहनत मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करता था। उसके पास वाहन के नाम पर एक ही बाइक है। सभी को रक्षाबंधन पर्व मनाने के लिए शेरनगर आना था तो कुलदीप अपने पत्नी व तीनों बच्चों को बाइक पर बैठा कर चल दिया। पीछे से तेज गति से आए वाहन से बचने के प्रयास में हादसा हुआ और उसके दो मासूम बच्चों की उसकी आंखों के सामने मौत हो गई। इससे उससे गहरा आघात पहुंचा है।