संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। जीएसटी 2.0 सुधार के तहत जारी किये गए नए नियमों को लेकर उद्यमी अभी भी असमंजस में हैं। उद्यमियों ने नए नियमों के तहत इनपुट टैक्स क्रेडिट, ई-वे बिल आदि पर जारी किये गए दिशा निर्देशों की विस्तार से जानकारी मांगी है। पूरी तरह से नियमोंं की जानकारी न मिल पाने से उद्यमी परेशान हैं।
केंद्र सरकार की ओर से जीएसटी 2.0 सुधारों की घोषणा करते समय कहा गया था कि इनका उद्देश्य करों की दरों को सरल बनाना है, जिससे वस्तुओं और सेवाओं की लागत कम हो सके। इन सुधारों के परिणामस्वरूप 12 और 28 प्रतिशत के टैक्स स्लैब को कम करके, पांच और 18 प्रतिशत के दो मुख्य स्लैब बनाए गए हैं लेकिन उद्यमी नए नियमों के तहत किए गए कुछ प्रावधान को लेकर परेशान हैं।र