मुजफ्फरनगर। आर्य समाज नई मंडी में भारत रत्न सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती पर वेद मंत्रोच्चार से यज्ञ में आहुतियां दी गईं। वैदिक संस्कृति के प्रचारार्थ सेवाओं के लिए भजनोपदेशक मांगेराम आर्य अंग वस्त्र और सम्मान राशि भेंट कर आचार्य गुरुदत्त आर्य ने सम्मानित किया।
आर्य ने कहा कि लौह पुरुष सरदार पटेल की निर्भिकता, राष्ट्रभक्ति, न्याय अतुलनीय है। पटेल ने कहा था कि हैदराबाद रियासत को भारत में विलय कराने में आर्य समाज के सत्याग्रह की अहम भूमिका रही। वे राष्ट्रीय एकता, अखंडता और समानता के पक्षधर रहे। पूर्व प्रवक्ता गजेंद्र पाल सिंह ने कहा कि राष्ट्र की उन्नति को प्रत्येक नागरिक अपने कर्तव्य का पालन करे। वैदिक चिंतक आरपी शर्मा ने कहा कि देश की संस्कृति, सभ्यता, नैतिक मूल्यों को आचरण में लाकर ही राष्ट्र का उत्थान संभव है। भजनोपदेशक मांगेराम ने प्रेरक भजन सुनाए। आनंद पाल सिंह, कस्तूर सिंह स्नेही, मंगत सिंह आर्य ने विचार व्यक्त किए। सोमपाल सिंह आर्य, कृपा शंकर शर्मा, राजेंद्र सिंह, ईश्वर सिंह, यशपाल सिंह, मदन लाल आर्य, डॉ राजपाल सिंह, अतर सिंह, अनिल त्यागी आदि रहे।