कंपनी बाग में सुंदरीकरण कराए जाने के लिए उखाड़े गए फलदार पेड़। फाइल फोटो
मुजफ्फरनगर। कंपनी बाग के हरे फलदार पेड़ काटने के मामले में हाईकोर्ट ने संज्ञान लिया है। वार्ड सभासद की ओर से दायर की गई जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने सीएनडीएस परियोजना प्रबंधक का जवाब तलब करते हुए अगली सुनवाई के लिए 21 अप्रैल की तिथि निर्धारित की है।
मुख्यमंत्री नगरोदय विकास योजना के तहत कंपनी बाग में दो करोड़ रुपये के विकास एवं सुंदरीकरण कार्य को स्वीकृति प्रदान की गई थी। निर्माण एवं विकास कार्य की जिम्मेदारी कार्यदायी संस्था सीएनडीएस को सौंपी गई। पिछले साल 12 अक्तूबर को निर्माण एवं विकास कार्य के दौरान कंपनी बाग से हरे और फलदार पेड़ काट दिए गए थे। 13 अक्तूबर को आयोजित बोर्ड बैठक में काफी हंगामा हुआ था।
वन विभाग की जांच में संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराए जाने की संस्तुति ईओ को की गई थी। वार्ड 25 के सभासद राजीव शर्मा ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की थी। इसमें नगर विकास विभाग के सचिव, जिलाधिकारी, एडीएम, चेयरपर्सन और कार्यदायी संस्था सीएनडीएस के परियोजना प्रबंधक को पार्टी बनाया गया था। वन विभाग की जांच में तीन फलदार पेड़ कटे पाए गए थे।
हाईकोर्ट इलाहाबाद की ओर से मामले की सुनवाई करते हुए प्रोजेक्ट मैनेजर सीएनडीएस से जवाब मांगा गया है। जबकि मामले की अगली सुनवाई की तिथि 31 अप्रैल निर्धारित की है।