संवाद न्यूज एजेंसी
मंसूरपुर (मुजफ्फरनगर)। खुब्बापुर गांव के स्कूल के मामले में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पहुंचकर बच्चों के स्वास्थ्य की जांच की। शिक्षा विभाग की टीम भी शामिल रही।
पिछले महीने 24 अगस्त को अल्पसंख्यक समुदाय के छात्र की पिटाई के बाद वीडियो वायरल हो गया था। प्रकरण की गूंज लखनऊ और दिल्ली तक हुई थी। मानवाधिकार आयोग और अल्पसंख्यक आयोग जांच कर रहा है। सुप्रीम कोर्ट तक भी यह मामला पहुंच चुका है। पुलिस ने आरोपी शिक्षिका तृप्ता त्यागी के खिलाफ एनसीआर दर्ज की थी, जिसे अब एफआईआर में बदल दिया गया था। किशोर न्याय अधिनियम की धारा बढ़ाकर जांच की जा रही है। उधर, शिक्षिका के स्कूल में पहुंचकर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बच्चों के स्वास्थ्य की जांच की है।
यह था पूरा मामला
खुब्बापुर गांव के स्कूल में शिक्षिका तृप्ता त्यागी ने पांच का पहाड़ा नहीं सुनाने पर अल्पसंख्यक समुदाय के छात्र की सहपाठियों से पिटाई करा दी थी। इसी दौरान जातीय टिप्पणी का भी आरोप है। प्रकरण के दौरान पीड़ित छात्र के चचेरे भाई ने वीडियो बना लिया। वीडियो के वायरल होते ही देशभर से प्रतिक्रियाएं आने लगीं और शिक्षिका की गिरफ्तार की मांग उठने लगी। आरोपी शिक्षिका पर अब एफआईआर दर्ज हो गई है। खुब्बापुर गांव के पीड़ित छात्र का अभी तक किसी स्कूल में प्रवेश नहीं हो सका है। जमीयत उलमा ने छात्र के घर पर शिक्षक भेजकर पढ़ाई शुरू करा दी है। प्रवेश प्रक्रिया पूरी होने तक शिक्षक रोजाना घर पर पहुंचकर छात्र को पढ़ाने का कार्य करेगा।