संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। स्वामी कल्याण देव जिला चिकित्सालय में आवारा कुत्तों के प्रवेश पर अंकुश लगाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। एक सप्ताह पहले दो सुरक्षा गार्डों की ड्यूटी केवल आवारा कुत्तों को खदेड़ने पर लगाई गई थी। जबकि सोमवार को चिकित्सालय का गेट नंबर दो भी बंद कर दिया गया।
14 जून को सहारनपुर निवासी इंतजार की तीन वर्षीय बेटी मीरब पर जिला चिकित्सालय में आवारा कुत्तों ने हमला बोल दिया था। गंभीर घायल मीरब को जिला चिकित्सालय के प्राइवेट वार्ड में भर्ती कराया गया था। सीएमओ ने जिला चिकित्सालय का निरीक्षण कर आवारा कुत्तों पर अंकुश लगाए जाने के निर्देश सीएमएस डॉ. संजय वर्मा को दिए थे।
इसके साथ ही आवारा कुत्तों को जिला चिकित्सालय से खदेड़ने के लिए दो गार्ड तैनात करने एवं मरीजों की समस्याओं को ध्यान में रख जिला चिकित्सालय गेट नंबर दो बंद करने के निर्देश भी दिए थे।
सोमवार को स्वामी कल्याण देव जिला चिकित्सालय के गेट नंबर दो पर ताला लगा दिया गया। जिसका उद्देश्य आवारा कुत्तों को जिला चिकित्सालय में प्रवेश से रोकना है। बावजूद सोमवार को गेट नंबर दो बंद किए जाने के बावजूद जिला चिकित्सालय में आवारा कुत्ते घूमते नजर आए। सीएमएस डॉ.संजय वर्मा का कहना है कि आवारा कुत्तों पर अंकुश लगाने के प्रयास जारी हैं। फिर भी कुत्ते अस्पताल में चले ही आते हैं। कुत्तों को रोकने के लिए योजना बनाई जा रही है।