मुजफ्फरनगर। ककरौली पुलिस ने फर्जी मेडिकल प्रमाणपत्र बनाने के मामले में जांच को आगे बढ़ाया है। मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र निवासी कई युवकों के आसपास जनपदों में फर्जी प्रमाणपत्रों से नौकरी करने की पुलिस को जानकारी मिली है। इस मामले में पुलिस पूर्व में बारह आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी हैं। अब अन्य आरोपियों की तलाश शुरू की हैं।
ककरौली थाना पुलिस ने मीरापुर थाना क्षेत्र के गांव तुल्हेड़ी निवासी शिवानंद, मनीष, जानसठ थाने के गांव तिसंग निवासी सचिन पाल व मेरठ जनपद के गांव जानी निवासी कुलदीप, सिवालखास निवासी नितेश, लिसाड़ी गेट थाने के समर गार्डन निवासी इस्माइल, आदिल, कंकरखेड़ा थाने के लाला मुहम्मदपुर निवासी रितेश, बहसूमा थाने के मोहल्ला बसी निवासी जयंत, थाना मैडिकल के गांव सराय मोड निवासी संदीप व दो अन्य को गिरफ्तार किया था।
आरोप है कि इन सभी का फर्जी मेडिकल प्रमाणपत्र बनाने का गिरोह है। कुछ आरोपी प्रमाणपत्र बनाने के लिए विभिन्न काम करते थे। पांच आरोपी फर्जी प्रमाणपत्र पर मेरठ व अन्य अस्पतालों में नौकरी कर रहे थे। पुलिस ने सभी को गिरफ्तार कर चालान किया था।
सीओ भोपा देवव्रत वाजपेयी ने बताया कि इस गिरोह के तार मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र से भी जुड़े है। वहां रहने वाले युवकों ने भी प्रमाणपत्र बनवाएं हुए है। वह भी आसपास जनपदाें में नौकरी कर रहे है। उनकी व अन्य की तलाश की जा रही है।