मुजफ्फरनगर। उर्वरक बिक्री के नाम पर लाखों रुपये की ठगी कर ली गई। पीड़ित ने मामले की शिकायत की तो जांच में सामने आया कि एडवांस लेने वाली फर्म फरार हो चुकी है। जबकि उसके स्थान पर वर्षो से नई कंपनी संचालित है।
शहर के शेरनगर जानसठ रोड स्थित उज्ज्वला बायोटेक्नॉलाजी नाम की फर्म की ओर से एक व्यक्ति ने उर्वरक बेचने के लिए इंडिया मार्ट आनलाइन बिजनेस पोर्टल पर विज्ञापन जारी किया था। करीब चार वर्ष पूर्व महाराष्ट्र के रहने वाले गणेश परमेश्वर तागड़ ने दो जून 2021 को अपनी फर्म के खाते से 5.60 लाख रुपये की धनराशि का भुगतान कर फर्म से उर्वरक मंगाया था।
पांच दिन के भीतर उर्वरक डिलीवरी का आश्वासन दिए जाने के बावजूद माल नहीं पहुंचा। फर्म मालिक से फोन पर बात की गई तो पांच दिन के भीतर डिलीवरी का आश्वासन मिला। लेकिन लगातार प्रयास के बावजूद उर्वरक डिलीवरी न होने पर पीड़ित की ओर से प्रदेश के कृषि निदेशक से मामले की शिकायत की गई।
- छापे के दौरान मौके पर नहीं पाई गई कंपनी
जिला कृषि रक्षा अधिकारी यतेंद्र सिंह की ओर से 19 फरवरी को शिकायत मेंं दर्शाए गए स्थान पर छापेमारी की गई। उन्होंने बताया कि शिकायत पत्र में दिए गए स्थान पर ऑनलाइन गूगल से स्थल की लोकेशन लेकर 20 फरवरी को जांच की गई। निरीक्षण के दौरान दर्शाए गए स्थान पर उज्ज्वला बायोटैक्नोलाॅजी के स्थान पर राम पोटाश प्राइवेट लिमिडेड क्रियाशील मिली। बताया कि कंपनी के डायरेक्टर की ओर से जानकारी दी गई कि पूर्व में उक्त लोकेशन पर उज्ज्वला बायोटेक्नोलाॅजी कार्यरत थी। लेकिन उनकी फर्म का उससे कोई संबंध नहीं है। जिला कृषि रक्षा अधिकारी यतेन्द्र कुमार ने बताया कि उनके कार्यालय से भी उज्ज्वला बायोटेक्नोलाॅजी फर्म के नाम पेस्टीसाइड्स का कोई लाइसेंस जारी नहीं किया गया है।