जानसठ के गांव राजपुर कलां के स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों का उपचार करते स्वास्थ्यकर्मी। स्रोतः स
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जानसठ/रतनपुरी। गांव राजपुर कलां में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर चिकित्सक की तैनाती नही है। अस्पताल में मरीजों का उपचार स्टाफ नर्स व अन्य कर्मचारियों के भरोसे है। रविवार को लगे आरोग्य मेले में यहां आए 23 मरीजों से बीमारी पूछकर कर्मचारियों ने ही दवा थमा दी।
ग्रामीणों का कहना है कि सरकार बेहतर स्वास्थ्य सेवा का दम भरती है लेकिन अस्पताल में चिकित्सक तक नहीं है। उन्होंने यहां चिकित्सक की तैनाती करने की मांग की है।
राजपुर कला के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर छह गांव की करीब 22 हजार की आबादी की सेहत का जिम्मा है, लेकिन केंद्र में कई माह से कोई चिकित्सक तैनात नहीं है। इस कारण इन गांवों की गंभीर बीमारियों के मरीज स्वास्थ्य केंद्र में उपचार के लिए नहीं आते। उन्हें प्राइवेट चिकित्सक के भरोसे रहना पड़ता है। वह मजबूरन मुजफ्फरनगर, खतौली व जानसठ के प्राइवेट अस्पतालों में उपचार कराने जाते हैं। जहां उन्हें अधिक रुपये खर्च करने पड़ते हैं साथ ही समय भी अधिक लगता है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जानसठ के चिकित्सा प्रभारी डॉक्टर अजय कुमार का कहना है कि गांव राजपुर कलां के स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सक की तैनाती नहीं है। इस संबंध में कई बार लिखकर भेजा जा चुका है। उधर, रतनपुरी में रविवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बड़सू पर मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले का आयोजन किया गया। केंद्र पर तैनात चिकित्सा प्रभारी डॉ. शताक्षी की कुंभ मेला प्रयागराज में ड्यूटी लगने के कारण डॉ. प्रियंका ने मरीजों का परीक्षण कर दवा दी। उन्होंने बताया कि आरोग्य मेले में वर्तमान समय में ठंड के कारण उत्पन्न होने वाली बीमारियों बुखार, नजला जुखाम, खांसी, बुखार आदि मौसमी रोगों से ग्रस्त 28 मरीज उपचार हेतु पहुंचे।
टीबी का भी एक मरीज आरोग्य मेले में दवाई लेने के लिए पहुंचा। डॉ. प्रियंका ने बताया कि स्वास्थ्य केंद्र पर सभी प्रकार की जांच एवं टीकाकरण की सुविधा भी उपलब्ध है। मरीजों को उपचार दिया जा रहा है। आरोग्य मेले के दौरान डॉ. प्रियंका के अतिरिक्त स्टॉफ नर्स अनीता बंसल, लैब तकनीशियन ओमदत्त तथा वार्डबॉय राजेंद्र कुमार उपस्थित रहे।