जनपद एक बार फिर कोरोना मुक्त हुआ
मुजफ्फरनगर। शुक्रवार को जनपद एक बार फिर से कोरोना मुक्त हो गया। अब एक भी संक्रमित मरीज नहीं रहा है। 11 अगस्त को भी जनपद में एक भी मरीज कोरोना का नहीं रहा था। बाद में मरीज मिल गए थे। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि अभी कोरोना कम हुआ है, खत्म नहीं, इसलिए कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए सावधानी जरूरी है। स्वास्थ्य विभाग अभी भी रोजाना करीब 800 लोगों का सैंपल लेकर जांच को भेज रहा है।
वैश्विक महामारी का कारण बने कोरोना संक्रमण ने जनपद में भी कोहराम मचाया है। बीते डेढ़ साल से जनपद भी कोरोना संक्रमण से लड़ रहा है। बीते साल आठ अप्रैल को जनपद में कोरोना का पहला केस मिला था। तब सिसौली की महिला के अलावा पुरकाजी और शेरनगर गांव में कोरोना संक्रमित मिले थे। इसके बाद से जनपद में कोरोना का असर लगातार बढ़ता गया। फरवरी माह में कोरोना के मरीज घटते हुए चार तक पहुंच गए थे। लोगों ने समझा कि कोरोना संक्रमण खत्म हो गया है, यह सबसे बड़ी भूल थी।
मार्च शुरू होते ही कोरोना संक्रमण का फैलाव भी बढ़ता गया। मार्च माह में आठ हजार कोरोना के मरीज आ चुके थे तथा 110 नागरिकों की मौत हो गई थी। अप्रैल और मई माह में कोरोना संक्रमण ने कहर बरपा दिया। दो माह में ही करीब 22 हजार लोग कोरोना की चपेट में आए तथा सरकारी आंकड़ों के अनुसार 158 लोगों की मौत हुई। मई माह के बाद संक्रमण कम होता गया। 11 अगस्त को जनपद कोरोना मुक्त हुआ था। मगर इसके बाद से फिर से मरीज मिलने लगे। 15 दिनों बाद शुक्रवार को फिर से जनपद कोरोना मुक्त हो गया। सीएमओ डॉ. एमएस फौजदार ने बताया कि अब जनपद में कोई भी कोरोना संक्रमित मरीज नहीं है। शुक्रवार को 701 सैंपलों की जांच रिपोर्ट भी नेगेटिव आई है।
आरटीपीसीआर लैब का निर्माण शुरू
मुजफ्फरनगर। अब जनपद में ही आरटीपीसीआर जांच होगी। इसके लिए कूकड़ा में एएनएम ट्रेनिंग सेंटर पर लैब का निर्माण कराया जा रहा है। अभी तक कोरोना की आरटीपीसीआर जांच के लिए सैंपल मेरठ भेजे जा रहे है। जिनकी जांच रिपोर्ट दो दिनों आती है। सीएमओ ने बताया कि कूकड़ा में लैब का निर्माण शुरू हो गया है। सितंबर माह में मशीन आएंगी तथा जांच शुरू हो जाएगी। रोजाना करीब 800 जांच की जाएगी। एक ही दिन में जांच की रिपोर्ट मिल जाएगी। यहां लैब बनने से जनपद वासियों को इसका लाभ होगा।