एक वर्ष पूर्व अपहरण और दुष्कर्म के मामले में जिला कारागार में बंद किए गए साधू की बीमारी के चलते मौत हो गई। जेल अधिकारियों ने परिजनों को सूचना कर दी है। पुलिस शव का पोस्टमार्टम कराने की तैयारी में जुटी है।
हापुड़ के पिलखुवा के खेरपुर गांव निवासी आनंददास बाबा पुत्र संतोष पंडित 29 नवंबर 2015 को पुरकाजी थाने से जेल भेजा गया था। बाबा पर अपहरण और दुष्कर्म की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज थी। जेल के भीतर आनंददास करीब एक माह से हृदय की बीमारी, बुखार और खांसी आदि बीमारियों से जूझ रहा था। करीब सवा माह से बाबा का जेल और जिला चिकित्सालय में उपचार चल रहा था।
तबियत खराब होने पर बंदी को 18 नवंबर को मेरठ मेडिकल भेजा गया था, जहां से अगले दिन उसकी छुट्टी कर दी गई थी। मंगलवार रात उसकी फिर से तबियत खराब हो गई थी। जेल अधिकारियों ने उसे जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया था, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। जेल अधिकारियों ने परिजनों को सूचना कर दी हैं। पुलिस शव का पोस्टमार्टम कराने की तैयारी कर रही है।
किशोरी को लेकर भागा था बाबा
मुजफ्फरनगर। जिला कारागार में बीमारी के चलते जिस बंदी आनंददास की मौत हुई है, वह एक वर्ष पूर्व पुरकाजी के कैल्लनपुर गांव से किशोरी को भगाकर ले गया था। बाद में पुरकाजी पुलिस ने दोनों को महाराष्ट्र से बरामद किया था। पुलिस ने आरोपी बाबा को जेल भेज दिया था।