रेहड़ी-फड़ वालों के सामने रोजी-रोटी का संकट
देवबंद। कोरोना संक्रमण की मार रेहड़ी व फड़ लगाकर गुजारा करने वालों पर भी पड़ी है। उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया।
देवीकुंड रोड पर चाय की दुकान चलाने वाले राजकुमार शर्मा ने बताया कि पहले दिनभर में 250 से 300 चाय बिक जाती थीं, जिससे वह रोजाना करीब दो हजार रुपये की कमाई कर लेते थे। लेकिन कोरोना संक्रमण के दौर में अब 50 से 80 चाय तक ही बिक पा रही हैं। फड़ लगाकर छोले बेचने वाले मोहल्ला सराय मालियान निवासी विशंबर ने बताया कि पहले एक ही मोहल्ले में खड़े होकर उनके सभी छोले बिक जाते थे। लेकिन अब शाम तक पूरे नगर का चक्कर लगाने के बाद भी सामान बच रहा है। कोरोना संक्रमण को देखते हुए लोग बाहर का खुला सामान कम खा रहे हैं। इस कारण वह तंगहाली के दौर से गुजर रहे हैं।
रमजान में रोजेदारों की सहरी व इफ्तार का सामान बेचने वाले बस स्टैंड रोड मोहल्ला टाकान निवासी आसिफ बताते हैं कि पहले फैनी, खजला, पापे आदि सामान की अच्छी खासी बिक्री हो जाती थी। ज्यादातर नमाजी रात में तरावीह के बाद सामान खरीदते थे। अब रात नौ बजे लगने वाले कर्फ्यू के कारण लोग घरों में पहुंच जाते हैं। इस कारण उनकी दुकानदारी प्रभावित हो रही है।