खाद गोदाम पर सील लगाते अधिकारी।
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बाग लगाने वाले किसानों को मुफ्त में दिए जाने वाला खाद बेचने की शिकायत पर सिटी मजिस्ट्रेट ने उद्यान विभाग के गोदाम पर छापा मारा। समस्त खाद को सीज कर दिया गया। यह खाद मार्च से पहले किसानों को वितरित किया जाना था।
जिला उद्यान विभाग बाग लगाने वाले किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए पौधे उपलब्ध कराने के साथ उन्हें नीम की खाद और बायो फर्टीलाइजर भी उपलब्ध कराता है। विभाग ने जिले में 53 हेक्टेयर में बाग तो लगवा दिया, लेकिन सरकार से उन्हें मिलने वाला खाद नहीं दिया।
सपा नेता सरदार जसबीर सिंह ने शुक्रवार को सिटी मजिस्ट्रेट को शिकायत की कि उद्यान विभाग के गोदाम से खाद के ट्रक भरे जा रहे हैं, जो खाद किसानों को दिया जाना चाहिए था, वह बेचा जा रहा है।
इस शिकायत पर सिटी मजिस्ट्रेट ने गोदाम पर छापा मारा और सीज कर दिया। सरदार जसबीर सिंह का आरोप है कि दो ट्रक खाद के गोदाम से निकाल लिए गए, जो बाजार में बेचे जा रहे हैं। जो खाद किसानों को मुफ्त मिलना था, वह सब बेचा जा रहा है। उधर, जिला उद्यान अधिकारी एसी पाठक का कहना है कि खाद किसानों का ही है, जो किसान खाद नहीं ले जा पाए उन्हें दिया जाना है।
उन्होंने माना कि यह खाद बीते सत्र में दिया जाना था। सिटी मजिस्ट्रेट राजेंद्र सिंह ने बताया कि खाद प्रकरण में डीएम के आदेश पर एक कमेटी बन गई है जो जांच करेगी। उनके अलावा डिप्टी डायरेक्टर एग्रीकल्चर, बीडीओ सदर को कमेटी में रखा गया है।