बंद की गई गंगनहर ने खोल दिया दो गुमशुदगी का राज
मुजफ्फरनगर। सिखेड़ा और सठेड़ी गंगनहर में पानी कम होने के बाद बरामद हुईं कारों ने नई मंडी क्षेत्र से लापता दो लोगों की गुमशुदगी का राज खोल दिया। एक मामले में परिजन हत्या की आशंका जता रहे हैं, वहीं दूसरे मामले में कार क्षतिग्रस्त होने से हादसे की आशंका जताई जा रही है।
मूल रूप से मीरापुर निवासी हरिंद्र दत्त आत्रेय नई मंडी कोतवाली क्षेत्र के द्वारिका सिटी में फ्लैट संख्या 62 में रहते थे। वे एलआईसी का काम करते थे। चार फरवरी को घर से अपनी मारुति कार लेकर मीरापुर जाने के लिए निकले थे। इसी दौरान वे लापता हो गए, जिसके बाद बेटे उदय आत्रेय ने नई मंडी थाने में उनकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी। अब उत्तराखंड में पहाड़ों पर हो रही लगातार बारिश के चलते गंगा में सिल्ट आने से गंगनहर में पानी बंद किया गया। पानी कम होने से गंगनहर में सिखेड़ा व सठेड़ी क्षेत्र में दो कारें बरामद हुईं। दोनों ही कारों की पिछली सीट से शव बरामद हुए, जिनकी पहचान हरिंद्र दत्त आत्रेय व दिलशाद के रूप में हुई। मंगलवार शाम दोनों के शव पोस्टमार्टम के बाद परिजनों के सुपुर्द कर दिए गए। गमगीन माहौल में एक के शव को दफना दिया गया तो दूसरे का अंतिम संस्कार पैतृक गांवों में कर दिया गया है। एक ओर, जहां सठेड़ी में मिले दिलशाद के परिजन उसकी हत्या की आशंका जता रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सिखेड़ा में मिली हरिंद्र दत्त आत्रेय की कार पूरी तरह से क्षतिग्रस्त होने से उनके साथ हादसा होने की आशंका जताई जा रही है। सीओ मंडी हिमांशु गौरव का कहना है कि प्रथम दृष्टया जांच में कार किसी हादसे का शिकार होकर गंगनहर में गिरने की ही आशंका है। मामले की जांच चल रही है, जिसकी रिपोर्ट आने के बाद ही इस संबंध में कुछ कहा जा सकेगा।
भैंसी तक सीसीटीवी कैमरे में कैद था दिलशाद
मुजफ्फरनगर। गांव लखान निवासी कार चालक दिलशाद की लोकेशन 17 जनवरी की देर रात रात भैंसी पाई गई थी। यहां तक वह कई सीसीटीवी कैमरों में भी दिखाई दिया था। इस दौरान वह पहले एक घर में कुछ देर के लिए रुका, जिसके बाद उसने एक पंप से सीएनजी भी ली थी। इसके बाद पुलिस ने मेरठ तक सीसीटीवी कैमरे खंगाले, लेकिन उसकी कार कहीं नहीं मिली। वहीं, उसका मोबाइल भी भैंसी तक ही चलकर बंद हो गया। इसके चलते पुलिस भैंसी से निकलते ही घने कोहरे में उसकी कार गंगनहर में गिरना मान बैठी थी। वहीं, द्वारिका सिटी निवासी हरिंद्र दत्त आत्रेय की लोकेशन केवल उनके घर तक ही मिली। उनकी कार किसी सीसीटीवी कैमरे में भी नहीं आई, जिसके चलते उनकी गुमशुदगी पुलिस के लिए चुनौती बनी हुई थी।