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पुलिस रवैये के विरोध में आक्रोश जताया

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दिलशाद के शव को लेकर तितावी थाने पहुंचे परिजन
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मुजफ्फरनगर/तितावी। सठेड़ी गंगनहर में मिली कार से बरामद दिलशाद के शव को पोस्टमार्टम के बाद पीड़ित परिजन लेकर तितावी थाने जा पहुंचे। परिजनों ने पुलिस की थ्योरी पर सवाल खड़े करते हुए इसे हत्या का मामला बताते हुए समय से कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया। पुलिस रवैये के विरोध में दिलशाद के परिजनों ने हंगामा कर अपनी नाराजगी का इजहार किया। इस पर तितावी एसओ ने परिजनों को समझाबुझाकर शव लेकर गांव भेज दिया।
तितावी क्षेत्र के गांव लखान निवासी दिलशाद 17 जनवरी को कार लेकर दिल्ली एयरपोर्ट जाने के लिए निकला था, लेकिन संदिग्ध हालात में लापता हो गया। परिजनों ने नई मंडी थाने में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी, तभी से परिजन लगातार उसकी हत्या का आरोप लगा कार्रवाई की मांग करते आ रहे थे। सोमवार को सठेड़ी गंगनहर में पानी कम होने पर एक कार उसमें पड़ी मिली, जिसकी पिछली सीट पर युवक का क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ। शव की पहचान लापता दिलशाद के रूप में हुई थी। मामले को हादसा करार देते हुए मंगलवार शाम पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया। इस पर परिजन दिलशाद का शव लेकर सीधे तितावी थाने जा पहुंचे और हत्या का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। परिजनों ने पुलिस की हादसे की थ्योरी पर भी गंभीर सवाल खड़े करते हुए पुलिस पर समय से कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया। हंगामे के चलते तितावी एसओ ने परिजनों से वार्ता कर उन्हें यथासंभव जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन देकर शांत किया। इसके बाद परिजन शव लेकर गांव लखान लौट गए, जहां गमगीन माहौल में शव सुपुर्दे-खाक कर दिया गया।
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यदि हुआ हादसा तो कार क्यों नहीं हुई क्षतिग्रस्त ?
मुजफ्फरनगर। गांव लखान निवासी दिलशाद का शव मिलने के बाद परिजनों ने पुलिस की हादसे की थ्योरी मानने से इंकार कर दिया है। भाई वाजिद का कहना है कि दिलशाद कार चलाते समय हमेशा सीट बेल्ट पहनता था, लेकिन कार में उसका शव पिछली सीट पर पड़ा मिला है। वहीं, यदि कार गंगनहर की बाउंड्री वॉल को तोड़कर पानी में गिरी तो वह क्षतिग्रस्त क्यों नहीं हुई ? पीड़ित परिजनों ने आरोप लगाया कि वे शुरू से ही हत्या का आरोप लगा रहे थे, लेकिन पुलिस ने मामले में कोई कार्रवाई नहीं की। यदि पुलिस समय से कार्रवाई करती तो दिलशाद परिवार के साथ होता।
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बेसहारा हो गए एक व दो साल के ईशा-ईशान
मुजफ्फरनगर। गांव लखान निवासी दिलशाद की शादी करीब चार साल पूर्व से हुई थी। उसके परिवार में पत्नी के साथ ही दो साल की बेटी ईशा और एक साल का बेटा ईशान है। इन दोनों मासूमों के सिर से पिता का साया उठ गया। अब मां तबस्सुम पर ही दोनों बच्चों की परवरिश का जिम्मा आ पड़ा है।
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