मुजफ्फरनगर। शहर को स्मार्ट बनाने की कवायद शुरू हो गई है। शासन से तय किए गए 24 बिंदुओं पर विकास की संभावना तलाशने के लिए नगर विकास विभाग ने प्रस्ताव मांगे। जमीनी हकीकत परखने के लिए स्थानीय निकाय निदेशालय लखनऊ के अपर निदेशक डॉ. असलम अंसारी ने मुख्यालय पहुंचकर समीक्षा की। उन्होंने पालिका अधिकारियों को गोशाला और मल्टी लेवल पार्किंग का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजने के लिए निर्देशित किया।
बुधवार को स्थानीय निकाय निदेशालय के अपर निदेशक ने पालिका पहुंचकर ईओ कार्यालय में समीक्षा की। गोशाला, स्मार्ट एवं डिजीटल रिकॉर्ड रूम, स्मार्ट रोड, स्मार्ट पार्क, मल्टीलेवल पार्किंग, ऑडिटोरियम, प्रदर्शनी केंद्र, महिलाओं के लिए सी-लॉन्ज, साइनेज बोर्ड, पथ प्रकाश, पेयजलापूर्ति और स्वच्छता कार्य को लेकर जानकारी ली।
पालिका की ओर से कराए गए विकास कार्य भी परखें। नए भवन के निर्माण के लिए आवश्यकता को भी समझने का प्रयास किया। पालिका को अपनी गोशाला पर ईओ ने कान्हा गोशाला योजना में स्वीकृति पाने के लिए की गई कार्यवाही की जानकारी दी। यह भी बताया कि शासन ने सीएनडीएस को इसकी धनराशि जारी की थी, लेकिन काम नहीं हुआ, अब पालिका ने यह पैसा वापस मांगा है।
जल्द ही जनकपुरी स्थित पालिका की भूमि पर गोशाला का काम कराएंगे। अभी पालिका नवीन मंडी स्थल पर नंदी गोशाला एवं ट्रीटमेंट सेंटर ही चला रही है, जिसमें 50 पशु रखने की क्षमता है। 13 जुलाई तक पालिका स्तर से प्रस्ताव बनाकर निदेशालय को भेजने के निर्देश दिए। अपर निदेशक ने कंपनी बाग और शिव चौक आदि क्षेत्रों में जाकर स्थिति का जायजा लिया।
एई जल सुनील कुमार, एई निर्माण नेपाल सिंह, एएसए डॉ. अजय प्रताप शाही, जेई निर्माण कपिल कुमार, राजीव सोनकर, जेई जल जितेंद्र सैनी, सीएसएफआई योगेश गोलियान, एसएफआई प्लाक्षा मैनवाल, वैशाली सोती, डीपीएम एसबीएम सुशील कुमार शामिल रहे।
-थीम पार्क के रूप में कंपनी बाग विकसित करेंगे : डॉ.प्रज्ञा सिंह
ईओ डॉ. प्रज्ञा सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री नगरोदय योजना में कमला नेहरू वाटिका को एक थीम पार्क के रूप में विकसित करने जा रही है। इसके लिए शासन से सीएनडीएस जल निगम को 3.33 करोड़ रुपये का बजट मिला है। मोती झील को विकसित किया जा रहा है। अन्य कार्य पर 90 लाख खर्च करने का प्लान है।