तितावी (मुजफ्फरनगर)। जलालपुर के रहने वाले महिपाल कश्यप को अपनी पत्नी के साथ बघरा के मंदिर में पूजा के लिए जाना था। यहां कुछ दुकानें भी लगती है। बच्चे भी मेला देखने की जिद करने लगे। दंपती ने समझाने का प्रयास किया लेकिन बच्चे नहीं माने। घर से करीब डेढ़ किमी दूर ही हादसा हो गया। मां अब जिंदगी और मौत के बीच है। घर पर रह गए शिवम की जान बच गई।
ग्रामीणों का कहना है कि महिपाल घर पर ही रहकर लोगों का प्राथमिक उपचार भी करता रहता था। हादसे की जानकारी मिलते ही सैकड़ों लोग मौके पर जमा हो गए। एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत से गम का माहौल बन गया।
परिवार ने बताया कि पहले सिर्फ दंपती को ही बघरा स्थित दुर्गा मंदिर में प्रसाद चढ़ाने के लिए जाना था। दोनों चलने लगे तो तीनों बच्चों ने भी जिद की। दंपती ने समझाने का प्रयास किया लेकिन वह नहीं माने। किसी तरह शिवम को घर छोड़कर महिपाल ने अपने दोनों बच्चों को बाइक पर बैठा लिया। करीब पांच मिनट बाद ही हादसा हो गया।
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पिता ठेकेदार...महिपाल देता था दवाइयां
तितावी। जलालपुर निवासी महिपाल की मौत के बाद मातम पसरा है। परिवार में दो छोटा भाई रविंद्र विवाहित हैं, जबकि पिंडर अविवाहित हैं। पिता प्रकाश कोल्हू में ठेकेदारी करते थे। खुद महिपाल घर से ही लोगों को अलग-अलग बीमारियों की दवाई देता था। इसके अलावा खेती-किसानी के काम भी करता था। संवाद
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महिपाल ने नहीं लगाया था हेलमेट
हादसे के वक्त बाइक चला रहे महिपाल ने हेलमेट नहीं लगाया था। उसके और उसकी पत्नी के सिर में गंभीर चोट लगी है।
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इस तरह हुआ हादसा
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक महिपाल सही दिशा में बाइक लेकर आ रहा था, जबकि स्कूल बस गलत दिशा में थी। महिपाल ने बचने के लिए बाइक दूसरी दिशा में की लेकिन इस बीच चालक ने भी बस उसी दिशा में मोड़ दी। इसी वजह से दोनों की टक्कर हो गई।