मुजफ्फरनगर। कभी जीवनदायिनी रहीं काली और हिंडन नदी, आज अपना वजूद बचाने को जूझ रहीं है। दोनों नदियों में पानी के बजाए केमिकल बह रहा है। अमेरिका की वाटर कलेक्टिव संस्था ने बेगराजपुर परिक्षेत्र में काली नदी का निरीक्षण किया। नदियों की हालत देखकर मेहमान विशेषज्ञ भी चौंक पड़े। केमिकलयुक्त पानी और जबरदस्त प्रदूषण की मात्रा मिलने से सन्न रह गए। नीर फाउंडेशन के साथ मिलकर टीम ने नदियों की रिपोर्ट मेरठ के कमिश्नर को सौंपी है। अब इन नदियों और आसपास बसे गांवों की फिर से जांच पड़ताल की जाएगी।
भारत दौरे पर आए अमेरिका की वाटर कलेक्टिव संस्था के विशेषज्ञ थॉमसेन और सोरेन ने जनपद में काली और हिंडन नदी का निरीक्षण किया। नीर फाउंडेशन के साथ मिलकर दोनों नदियों के किनारे बसे गांवों में घूमकर जल प्रदूषण के साथ ग्रामीणों से जानकारियां जुटाईं। बृहस्पतिवार को टीम ने औद्योगिक क्षेत्र बेगराजपुर में काली नदी का कई किलोमीटर तक जायजा लिया। इस दौरान नदी की हालत देखकर मेहमान भी चौंक गए। नदी में पानी के बजाए केमिकल बहता मिला है। हालात ऐसे हैं कि यह केमिकल भूजल के साथ पृथ्वी का भू-गर्भ भी बिगाड़ रहा है।
भू-गर्भ की मिट्टी में केमिकल के असर से तापमान बढ़ रहा है। इसके असर से मिट्टी में उर्वरकता क्षीण हो रही है। नीर फाउंडेशन के निर्देशक रमनकांत त्यागी ने बताया कि बृहस्पतिवार को बेगराजपुर और मंसूरपुर क्षेत्र में निरीक्षण किया है। यहां पर काली नदी और हिंडन की हालत बेहद खराब है। नदियों की पूरी रिपोर्ट बनाकर निर्मल हिंडन कार्यक्रम के अध्यक्ष एवं मंडलायुक्त प्रभात कुमार को सौंपी गई है। अब फिर से नदियों और आसपास के क्षेत्रों की जांच पड़ताल की जाएगी।