फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

फुगाना के किसान का शव पेड़ से लटका मिला, सोमवार से था लापता

Wed, 24 Jan 2018 12:17 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/मुजफ्फरनगर
विज्ञापन
फुगाना में पेड़ पर लटका किसान का शव। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
खतौली-बुढ़ाना मार्ग पर सिकंदरपुर बिजलीघर के पास पेड़ से अधेड़ का शव लटका मिला। शिनाख्त फुगाना के जयवीर के रुप में हुई है। वह सोमवार से लापता था। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। 
विज्ञापन


रतनपुरी के गांव सिकंदरपुर निवासी किसान दीपचंद पुत्र हरपाल सिंह ने मंगलवार की शाम को बिजलीघर के पास सड़क किनारे खड़े पेड़ पर 50 वर्षीय व्यक्ति का शव फंदे से लटका हुआ देखा। इससे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। सूचना पर रतनपुरी थानाध्यक्ष वीरेंद्र कुमार कसाना पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।

शव को पेड़ से नीचे उतारा गया। तलाशी लेने पर मृतक की जेब से 18 जनवरी के फुगाना से मोदीपुरम और मोदीपुरम से हरिद्वार के लिए रोडवेज बस के टिकट मिले है। इसके अलावा 19 जनवरी के हरिद्वार से सहारनपुर और सहारनपुर से शामली जाने के रेल के टिकट भी मिले।
विज्ञापन


मृतक के गले में हरे रंग की रेशम की रस्सी का फंदा लगा हुआ था, जो पेड़ की ऊंचाई पर शाखा से बंधा था। काफी ऊंचाई पर शव पेड़ पर लटका होने से जल्दी से किसी की नजर नहीं पड़ी। सूचना पर सीओ बुढ़ाना हरिराम यादव भी मौके पर पहुंचे और जानकारी ली। पुलिस ने आसपास के गांवों के लोगों से शव की शिनाख्त कराने का प्रयास किया।

थानाध्यक्ष ने शव के फोटो आसपास के सभी थानों में व्हाट्सअप के जरिए शिनाख्त के लिए भेज दिए। इस पर फुगाना पुलिस ने मृतक की पहचान जयवीर पुत्र अमन सिंह निवासी फुगाना के रुप में की है। बताया कि जयवीर की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी।

वह सोमवार की सुबह से घर से गायब था। मृतक के रिजनों को सूचना दी गई है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस जांच पड़ताल कर रही है। पुलिस ने किसान दीपचंद की ओर से थाने में रपट दर्ज की गई है। 

कैलाश नगर में है ससुराल 
जयवीर की सुसुराल रतनपुरी के गांव कैलाश नगर में है। पुलिस ने बताया कि वह शराब पीने का आदी थी। इसलिए करीब 20 वर्ष पूर्व उसकी पत्नी मीना अपने बेटे अमित और बेटी भारती को लेकर अपने मायके कैलाश नगर में आकर रहने लगी थी। मायके वालों ने गांव में उसको मकान बनाकर दे दिया था। जबकि जयवीर अपने परिजनों के साथ फुगाना में ही रहता था। वह अपनी ससुराल कभी नहीं आता था। 
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें