खतौली। लोहड्डा गांव की सुबह पटाखों में विस्फोट के साथ हुई। एक के बाद एक धमाके सुनकर ग्रामीण मौके की तरफ दौड़े। झुलसे किशोरों को ग्रामीणों ने बचाया और आग बुझाने में मदद की। पटाखे बनाए जाने से बेखबर खाकी भी जागी और कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। कई माह से पटाखे बनते रहे और पुलिस अनजान बनी रही।
लोहड्डा और मोहम्मदपुर माफी गांव के बीच बना रास्ता दोनों ग्राम पंचायतों को अलग करता है। सुबह धमाकों के बाद आग लगी तो दोनों गांव के लोग पहुंच गए। दमकल विभाग की टीम ने पहुंचकर आग पर काबू पाया। सीएफओ अनुराग कुमार ने बताया कि टीन शेड में पटाखे बनाए जा रहे थे। लोनी के ठेकेदारों ने किराए पर गोदाम लिया था।
गांव में बने पुराने सरकारी अस्पताल के एक कमरे से दो पेटी और एक बोरे में रखे पटाखे बरामद किए। पुलिस ने दो दुकानों से पटाखे बरामद किए हैं। गोदाम में आग बुझाने के उपकरण नहीं थे। गोदाम को सील कर दिया गया।
किशोरों से फैक्ट्री में कराई जा रही थी मजदूरी फैक्ट्री में गांव के किशोरों से मजदूरी कराई जा रही थी। आग लगी तो उजेफा और अब्दुल कासिफ झुलस गए। उजेफा का मेरठ व कासिफ का दिल्ली अस्पताल में उपचार चल रहा है। दोनों किशोरों की हालत गंभीर बताई जा रही है। जांच में सामने आया कि अन्य किशोर भी फैक्ट्री में मजदूरी के लिए आते थे।