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खाते में रकम आई और गायब हो गई, नोटबंदी के दौरान हुआ ट्रांजेक्शन 

Thu, 09 Mar 2017 12:08 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
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2000 के नोट - फोटो : ANI
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खतौली में नोटबंदी के बाद युवक के बंद पड़े एसबीआई के खाते में 3.25 लाख रुपये की नगदी जमा कराई गई। पासबुक की एंट्री कराने पर पता चला कि इस रकम में से दो बार 50-50 हजार रुपये निकाले गए थे। इतना ही नहीं शाखा प्रबंधक से शिकायत की तो बाकी की रकम निकाल ली गई। खाताधारक और उसके परिजन शाखा प्रबंधक से मिलने पहुंचे। प्रबंधक की ओर से उनको संतोषजनक जवाब नहीं मिला है।      
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गांव अंती निवासी अजीत पुत्र राजेंद्र ने कक्षा 11 में पढ़ते समय छात्रवृत्ति के लिए 2009 में एसबीआई शाखा में खाता खुलवाया था। 31 दिसंबर 2013 में अजीत के खाते में मात्र 546 रुपये की नगदी बची थी। तब से उसने खाते में कोई लेनदेन नहीं किया। अजीत ने बताया कि वह 17 फरवरी को शाखा में पासबुक की एंट्री कराई तो पता चला कि उसके खाते में तीन लाख 25 हजार 262 रुपये जमा किए गए। एंट्री में यह भी पता चला कि 21 फरवरी और दो मार्च को दो बार 50-50 हजार रुपये की नगदी निकाली भी गई थी। एक लाख की रकम सेल्फ सर्विस से निकाली गई। पूछताछ करने पर शाखा प्रबंधक ने जांच का आश्वासन दिया था। 

दो दिन पूर्व अजीत ने मेरठ के एसबीआई शाखा में फिर से पासबुक की एंट्री कराई। पता चला कि अब उसके खाते से बैंक कर्मचारियों द्वारा बाकी पैसा भी निकाल लिया गया। आरोप है कि कंप्यूटर के डाटा में फीड पैसे जमा करने और निकाले जाने की एंट्री को भी डिलीट कर दिया गया है। परिजन बुधवार को शाखा प्रबंधक से मिले। शाखा प्रबंधक सुंदरलाल मित्तल का कहना है कि बैंक कर्मचारियों की गलती से दूसरे ग्राहक के खाते का पैसा अजीत के खाते में जमा हो गया था, जिसको निकाल लिया गया है। 
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