मुजफ्फरनगर। नगर पालिका ने निर्माण और विकास कार्यों से संबंधित 149 टेंडर निरस्त कर दिए। इससे शहर में होने वाले करीब 10 करोड़ से अधिक के विकास कार्य फिर से बाधित हो गए। इनमें 75 टेंडर निरस्त होने का प्रमुख कारण उनकी कम दर और पूल की शिकायत मानी जा रही है। 74 टेंडर निरस्त करने के पीछे ठेकेदारों और सभासदों का विवाद है।
नगर पालिका में सभासदों के बीच गुटबाजी और शिकायतों के चलते विकास अवरुद्ध हो रहा है। सात अक्तूबर को आयोजित बोर्ड बैठक में करोड़ों रुपये के सैकड़ों निर्माण और विकास कार्य कराने पर मुहर लगी थी, लेकिन लगभग चार बाद भी यह कार्य धरातल पर नहीं उतर पा रहे। शहरी क्षेत्र में करोड़ो के निर्माण और विकास कार्य कराने के लिए 204 टेंडर छोड़े जाने थे। प्रक्रिया प्रारंभ हुई तो उसके पहले चरण में ही शिकायतबाजी के चलते ब्रेक लग गया था।
पालिका वार्ड सभासदों ने चेयरपर्सन से शिकायत कर आरोप लगाया था कि टेंडरों में पूल कर लिया गया है। जिसके बाद जांच शुरू करा दी गई थी। पूल की शिकायत पर जांच पूरी की गई, लेकिन इसके बाद मीरापुर विधानसभा उप चुनाव को लेकर आचार संहिता लगने से सभी विकास कार्य रुक गए। चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप ने कहा कि प्रक्रिया दोबारा कराई जाएगी।ह