स्पिक मैके के तहत छोटूराम डिग्री कॉलेज में विश्व प्रसिद्ध पद्मभूषण तीजनबाई की पंडवानी प्रस्तुति देखकर दर्शक भाव-विभोर हो गए। उन्होंने महाभारत के कर्ण प्रसंग की अपने चिरपरिचित अंदाज में बेहद मार्मिक प्रस्तुति दी।
चौधरी छोटूराम डिग्री कॉलेज में स्पिक मैके के इस कार्यक्रम में खचाखच भरे सभागार में पद्मभूषण तीजन बाई ने जैसे ही प्रवेश किया, वैसे ही सारा वातावरण तालियों से गूंज उठा। टीवी पर अनेक बार उनके कार्यक्रमों को देख चुके दर्शक उन्हें सामने पाकर अभिभूत हो गए।
अति दलित परिवार में जन्मी एवं स्कूली शिक्षा से भी वंचित एक महिला जिसे आज चार विश्ववविद्यालयों ने डी-लिट और भारत सरकार ने पद्मश्री एवं पद्मभूषण से सम्मानित किया हो, उनके सामने कार्यक्रम प्रस्तुत करने को साक्षात थी। तीजन बाई ने महाभारत के कर्ण प्रसंग को चुना।
लाल और काले छत्तीसगढ़ी परिधान में पारंपरिक आभूषण धारण किए, हाथ में मोरपंख लगा लाल तंबूरा लिए तीजन ने कर्ण और अर्जुन के युद्ध का प्रसंग जीवित कर दिया। बताया कि कर्ण के रथ का पहिया धरती में धंस जाता है। श्री कृष्ण अर्जुन को निहत्थे कर्ण पर तीर चलाने के लिए के लिए कहते हैं।
मगर, उससे पहले कृष्ण कर्ण के समक्ष ब्राह्मण के वेश में उनके 32 दांत भी मांग लाते हैं। अर्जुन रहस्य पूछते हैं तो कृष्ण बताते हैं कि कर्ण जैसे पवित्र महापुरुष के शरीर में ये दांत नहीं रहने चाहिए थे, क्योंकि वे द्रोपदी के चीरहरण के समय हंस रहे थे। प्रस्तुति में सह कलाकारों चेतराम, केवल देशमुख, नरोत्तम नेताम, डालेश्वर निर्मलकर, रामचंद्र निषाद, तथा खेमलाल नेताम ने बखूबी साथ निभाया।
कार्यक्रम में दीप प्रज्ज्वलन प्राचार्य डॉ नरेश मलिक, प्रीति सिंह, प्रबंध समिति के कोषाध्यक्ष महक सिंह मलिक, डॉ प्रुथी, आरएम तिवारी ने किया। कलाकारों का अभिनंदन डॉ सिरोही, डॉ ढाका, ओमवीर सिंह इंद्रजीत सिंह, गिरिराज किशोर, अवनीश यादव ने किया।
विद्यालय की ओर से एसपी ट्रैफिक बीबी चौरसिया, केपी सिंह, वीरेंद्र सिंह, एसके सिंह आदि ने स्वागत किया। प्राचार्य डॉ नरेश मलिक ने कहा कि पद्मभूषण तीजन बाई एक किंवदंती की तरह हैं, जो नारी की प्रतिभा और शक्ति का प्रतीक है। इस अवसर पर विजेंद्र पंवार, सूबेदार रणधीर सिंह, रियाज अहमद, विपिन जैन, नवीन शर्मा, सचिन मलिक, अभिनव, हर्ष, गोविंद, राहुल, सागर आदि मौजूद रहे।