हत्या की आशंका जताकर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज करने की मांग करते हाशिमपुरा गांव के ग्रामीण
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देवबंद। हाशिमपुरा से कसौली गांव जाने के दौरान लापता हुए किशोर का शव आठ दिन बाद अंबहेटा शेखां गांव के एक नाले से बरामद हुआ। जानकारी मिलने पर वहां ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और शव को बाहर निकलते हुए उसकी शिनाख्त कराई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
हाशिमपुरा गांव निवासी राकेश कुमार का 17 वर्षीय पुत्र विकास कुमार गत 28 अप्रैल को घर से बाइक पर कसौली गांव जाने को कहकर गया था, लेकिन देर शाम तक नहीं लौटा। अगले दिन परिजनों ने कसौली में पहचान वालों से विकास के संबंध में पता किया, लेकिन वहां से भी कोई जानकारी नहीं मिली। जिसके बाद कोतवाली में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई गई। पुलिस और परिजन तभी से उसकी तलाश कर रहे थे। बृहस्पतिवार को अंबहेटा शेखां गांव के लोगों ने पुलिस को जानकारी दी कि गांव के बाहर जोहड़ के समीप बने नाले में बाइक और किसी का शव पड़ा हुआ है। पुलिस मौके पर पहुंची ने शव को बाहर निकलवाते हुए उसकी शिनाख्त कराई। जिसमें पता चला कि शव हाशिमपुरा निवासी विकास कुमार का है। सूचना पर परिजन भी वहां पहुंच गए। शव देखते ही उनमें चीख पुकार मच गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वहीं, पीड़ित परिजनों ने कोतवाली पहुंचकर विकास की हत्या की आशंका जताई, साथ ही हत्या की धारा में ही रिपोर्ट दर्ज करने की मांग की। परिजनों का कहना है कि विकास के सिर पर चोट का निशान है। जिससे साफ है कि उसकी हत्या कर शव को नाले में फेंका गया।
सभी बिंदुओं पर जांच कर रही पुलिस : सीओ
देवबंद। सीओ दुर्गा प्रसाद तिवारी का कहना है कि प्रथम दृष्टया यह हादसा लग रहा है। फिर भी पुलिस सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है। परिजनों के आरोपों को भी गंभीरता से लेकर पूछताछ की रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की वजह साफ हो सकेगी।