टीबी के खात्मे की ओर कदम बढ़ा रही सरकार नए रोगियों को खोजकर उनका उपचार शुरू करा रही है। जनवरी माह में चले अभियान के बाद अब फिर से नए टीबी रोगी खोजे जाएंगे। थोड़ी आबादी को चिह्नित कर उसमें घर-घर जाकर रोगियों की तलाश की जाएगी। इस बार अभियान की शुरुआत नौ जून से होगी और यह दस दिन तक चलेगा।
टीबी की बीमारी एक से दूसरे व्यक्ति तक फैलती है। कई बार रोगी को स्वयं पता नहीं होता कि वह टीबी की जकड़ में है। ऐसे में वह स्वयं तो नुकसान झेलता ही है, साथ ही अन्य लोगों में भी इस बीमारी का संक्रमण फैला देता है। ऐसे ही छिपे हुए रोगियों को खोजने के लिए नौ जून से दस दिन का अभियान शुरू किया जाएगा। यह अभियान तीन लाख की आबादी में चलेगा। स्थान पहले ही चिह्नित कर लिए गए हैं। इनमें घनी आबादी वाले क्षेत्र शामिल किए गए हैं। घर-घर जाकर संदिग्ध मरीजों की जांच की जाएगी।
जनवरी माह में मिले थे 67 रोगी
मुजफ्फरनगर। जनवरी माह में जिले की दस प्रतिशत आबादी में चलाए गए अभियान में 67 नए रोगी सामने आए थे। इनका उपचार शुरू हो गया है। जनपद में 5463 सामान्य टीबी रोगियों का उपचार चल रहा है। इसके अलावा एमडीआर और एक्सडीआर के रोगी अलग हैं। जिले की 31 लाख 82 हजार की आबादी में से दस प्रतिशत आबादी क्षेत्र में नए टीबी रोगियों को खोजने का अभियान चलाया गया था। करीब 3716 लोग संदिग्ध रोगी पाए गए। इनकी बलगम जांच और एक्सरे कराए गए तो 67 नए रोगी सामने आए।
500 रुपये प्रति मरीज दिया जा रहा पोषण भत्ता
मुजफ्फरनगर। टीबी के मरीजों को 500 रुपये प्रतिमाह पोषण भत्ता दिया जा रहा है। अब तक करीब 60 लाख रुपये का पोषण भत्ता दिया जा चुका है। यह भत्ता मरीजों को अच्छे खानपान के लिए दिया जाता है।
टीबी के लक्षण...
- लंबे समय तक खांसी और बलगम आना।
- भूख कम लगना।
- शरीर कमजोर हो जाना।
- बार-बार या लगातार बुखार आना।
- सांस लेने में परेशानी होना।
- मुंह से खून आना आदि।
इन्होंने कहा...
टीबी रोगियों को खोजने के लिए नौ जून से अभियान चलाया जाएगा। तीन लाख की आबादी में नए टीबी रोगी खोजे जाएंगे। उनकी जांच कर बीमारी की पुष्टि होने पर उपचार शुरू किया जाएगा। - डा. लोकेश चंद गुप्ता, जिला क्षय रोग अधिकारी।