मुजफ्फरनगर। सात महीने पहले लोकसभा चुनाव में मतदान का बहिष्कार करने वाले टन्हेड़ा गांव के मतदाताओं ने इस बार प्रत्येक बूथ पर उत्साह दिखाया। गांव के हर बूथ पर इस बार 60 फीसदी से अधिक वोट पड़े।
गांव की मुख्य सड़क के निर्माण के लिए टन्हेड़ा के ग्रामीणों ने लोकसभा चुनाव का बहिष्कार कर दिया था। सिर्फ 36 वोट डाले, इनमें छह वोट रद्द हो गए थे। इनमें पांच वोट सपा प्रत्याशी दीपक सैनी को मिले थे, जबकि 22 वोट वर्तमान सांसद चंदन चौहान को मिले थे। बसपा प्रत्याशी बिजेंद्र सिंह एक भी वोट हासिल नहीं कर पाए थे। एक-एक वोट तीन अन्य प्रत्याशियों को मिला था। टन्हेड़ा के जमील बने थे पहले विधायक : परिसीमन के बाद 2012 में मीरापुर सीट बनी। पहले विधायक बसपा के मौलाना जमील बने, वह टन्हेड़ा गांव के ही रहने वाले हैं। असल में मौलाना जमील मूलरूप से सहारनपुर के रहने वाले हैं, लेकिन हिस्से की जमीन पर लंबे समय से टन्हेंड़ा में आकर रहने लगे। बसपा से टिकट मिला और यहीं से पहले विधायक बन गए। हरिद्वार से भी वह लोकसभा चुनाव लड़ चुके हैं।।