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बेबसी : अपना ख्याल रखना.... और दम तोड़ गई पत्नी, दरोगा ने अस्पताल प्रबंधन पर लगाए गंभीर आरोप

Tue, 27 Apr 2021 01:21 AM IST
मेरठ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : amar ujala
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मुजफ्फरनगर के बेगराजपुर मेडिकल कॉलेज स्थित कोविड हॉस्पिटल की एक और वीडियो सोमवार शाम सोशल मीडिया पर वायरल हुई। छपार थाने में तैनात दरोगा भीखचंद ने कोरोना से पत्नी की मौत के बाद हॉस्पिटल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने एसपी सिटी से मिलकर हॉस्पिटल प्रबंधन के खिलाफ रिपोर्ट भी दर्ज किए जाने की मांग की है।
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छपार थाने में तैनात दरोगा भीखचंद पुलिस लाइन स्थित सरकारी आवास में रहते हैं। दरोगा ने अपनी पत्नी रूपवती (47) को 20 अप्रैल की शाम स्वास्थ्य संबंधी दिक्कत के चलते बेगराजपुर मेडिकल कॉलेज में इमरजेंसी में भर्ती कराया था, जहां उनका आरटीपीसीआर टेस्ट हुआ। आरोप है कि आरटीपीसीआर रिपोर्ट आने से पहले ही 20 अप्रैल को ही रात एक बजे रैपिड एंटीजन टेस्ट पॉजिटिव बताकर रूपवती को कोविड अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया। इसके बाद से उन्हें किसी तरह का कोई उपचार नहीं दिया गया।

दरोगा के अनुसार, 21 अप्रैल को पत्नी ने उन्हें व्हाट्सएप पर बताया कि कोविड वार्ड में शिफ्ट किए जाने के बाद से उन्हें न तो पीने का पानी दिया गया है और न ही दवाई। इस पर दरोगा ने एसपी सिटी अर्पित विजयवर्गी से मिलकर शिकायत की तो उन्होंने मंसूरपुर इंस्पेक्टर केपी सिंह को बेगराजपुर मेडिकल कॉलेज भेजकर सही इलाज दिलाए जाने के निर्देश दिए।
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आरोप है कि इंस्पेक्टर द्वारा कहे जाने के बाद हॉस्पिटल के कर्मचारियों ने दरोगा की पत्नी से मोबाइल छीन लिया। इसके बाद दरोगा लगातार पत्नी के बारे में जानने के लिए धक्के खाते रहे, लेकिन उन्हें कोई जानकारी नहीं दी गई। 21 अप्रैल की रात करीब 12 बजे काफी मान-मनव्वल करने पर एक कर्मचारी ने अपने मोबाइल से दरोगा की उनकी पत्नी से बात कराई, जिसमें उन्होंने उखड़ती सांसों से पति को कहा, अपना ख्याल रखना..... और खामोश हो गई।

इसके अगले दिन 22 अप्रैल की दोपहर करीब दो बजे दरोगा को पत्नी की मौत की जानकारी देते हुए शाम करीब सात बजे शव सौंप दिया गया, जिसका उन्होंने गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार कर दिया। पूरे मामले का वीडियो सोमवार रात सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद एक बार फिर हॉस्पिटल प्रबंधन सवालों के घेरे में आ गया है।

रात 12.05 बजे हो चुकी मौत, 10 घंटे बाद बताया हालत सामान्य
दरोगा भीखचंद ने प्रशासन द्वारा स्थापित कंट्रोल रूम पर भी उंगली उठाई। दरोगा का कहना है कि पत्नी से रात 12 बजे बात करने के बाद अगले दिन सुबह करीब दस बजे उन्होंने कोविड कंट्रोल रूम से बात की, जिसमें उन्हें बताया गया कि उनकी पत्नी की हालत ठीक है और ऑक्सीजन लेवल भी 90 है। इसके बाद करीब 12 बजे वे हॉस्पिटल पहुंचे, जहां महिला डॉक्टर ने भी उन्हें पत्नी के ठीक होने व आईसीयू में भर्ती होने की जानकारी दी।

 
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आरोप है कि इसके दो घंटे बाद ही उन्हें पत्नी की मौत की जानकारी दी गई। गंभीर बात यह कि पत्नी रूपवती की मौत का जो प्रमाणपत्र उन्हें दिया गया, उसमें उनकी मौत का समय 21 अप्रैल की रात 12.05 बजे दर्ज है। यानि पति से बात करने के तत्काल बाद उनकी मौत हो गई थी। इसके बावजूद कोविड कंट्रोल रूम द्वारा अगले दिन उन्हें पत्नी की हालत ठीक होने की जानकारी देकर गुमराह किया जाता रहा।

लगाई मुकदमा दर्ज कराने की गुुहार
पत्नी रूपवती की मौत से आहत दरोगा भीखचंद का कहना है कि उन्होंने तमाम कागजात एसपी सिटी अर्पित विजयवर्गी को देते हुए हॉस्पिटल प्रबंधन की लापरवाही से पत्नी की मौत होने का आरोप लगाया है। दरोगा ने हॉस्पिटल प्रबंधन के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कराए जाने की मांग की है।

इन्होंने कहा ......
एसएसपी अभिषेक यादव का कहना है कि मामले की जांच कराई जा रही है। यदि वास्तव में दरोगा द्वारा लगाए गए गंभीर आरोप जांच में सही पाए जाते हैं तो हर उस संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी, जिसकी लापरवाही की जानकारी मिलेगी।
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