बेटियों पर होने वाले जुल्म के खिलाफ अभियान का समर्थन
उलमा ने कहा आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की मुहिम सराहनीय
देवबंद (सहारनपुर)। आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के दहेज के नाम पर बेटियों पर होने वाले जुल्म को रोकने तथा रीति रिवाजों और प्रथाओं पर अंकुश लगाने के लिए शुरू किए गए अभियान का उलमा ने खुले दिल से समर्थन किया है। उलमा का कहना है कि बोर्ड की यह मुहिम सराहनीय है।
फतवा आनलाइन के चेयरमैन मौलाना मुफ्ती अरशद फारुकी का कहना है कि आल इंडिया पर्सनल लॉ बोर्ड हिंदुस्तान की सबसे बड़ी और भरोसेमंद जमात हैं। शादियों में जबरन लेनदेन, दहेज के नाम पर बेटियों पर होने वाले जुल्म तथा तरह तरह की प्रथाओं पर पूर्ण रूप से अंकुश लगाने के लिए बोर्ड का यह अभियान बहुत शानदार है। कहा कि यह अभियान समाज के एक तबके तक नहीं बल्कि हर तबके तक पहुंचाया जाए। ताकि बेटियों की हिफाजत और शादियों में होने वाली फिजूलखर्ची को रोका जा सके। जामिया शेखुल हिंद के मोहतमिम मौलाना मुफ्ती असद कासमी ने कहा कि इस्लाम धर्म में शादी को आसान बनाने के लिए निकाह के तरीके को बेहद आसान किया गया है। लेकिन वर्तमान में दिखावे के लिए जो कुछ किया जाता है वे इस्लाम के उसूलों के बिल्कुल खिलाफ है। उन्होंने बोर्ड के अभियान की सराहना करते हुए कहा कि बोर्ड जो भी फैसला लेगा उस पर अमल किया जाएगा।