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पुलिस ने बच्चा छीनकर पति को दे दिया, मरती नहीं तो क्या करती       

Wed, 25 Jul 2018 12:27 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/मुजफ्फरनगर
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आत्महत्या का प्रयास करने वाली महिला साक्षी। - फोटो : अमर उजाला
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न्यायिक परिसर की तीन मंजिला इमारत की खिड़की के छज्जे पर चढ़कर आत्महत्या की धमकी देने वाली साक्षी अपने साढ़े तीन साल के बेटे को छीने जाने के कारण मानसिक तनाव झेल रही थी। मासूम बेटे से मिलने के लिए तड़प रही साक्षी ने उसकी कस्टडी हासिल करने के लिए फैमिली कोर्ट का रुख किया। इससे साक्षी इतना तनाव में आ गई कि वह बेटे के नहीं मिलने पर जान देने जैसा कदम उठाने पर मजबूर हो गई।       
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मंगलवार दोपहर न्यायिक परिसर की तीन मंजिला इमारत पर चढ़कर आत्महत्या की धमकी देते हुए बखेड़ा खड़ा करने वाली खेड़ीकरमू शामली निवासी साक्षी घटना के बाद बेहद उद्वेलित व आहत नजर आ रही थी। महिला ने पूछताछ में बताया कि उसकी शादी 2013 में सन्नी निवासी बोपाड़ा से हुई थी। शादी के करीब सवा साल बाद उसने बेटे अक्षत को जन्म दिया, जिसके करीब एक माह बाद ही ससुराल पक्ष ने उसे बेटे समेत घर से निकाल दिया।

इसके बाद करीब तीन साल तक साक्षी मायके में रही। विगत आठ जून 2017 को ससुराल पक्ष साक्षी के मायके जाकर पंचायत के बीच लिखित समझौता कर उसे घर लौटा लाया। पीड़िता का कहना है कि तीन अगस्त 2017 को ससुराल पक्ष ने एक बार फिर उसके साथ मारपीट करते हुए उसकी हत्या का प्रयास किया, जिसकी सूचना उसने परिजनों को दी। इस पर परिजन उसी दिन मंसूरपुर थाने पहुंचे, जहां से पुलिस ने साक्षी व उसके ससुराल वालों को भी थाने बुलवा दिया।
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पीड़िता का आरोप है कि यहां मंसूरपुर  पुलिस ने ससुराल पक्ष से साठगांठ कर उससे तीन साल के बेटे को छीनकर पति को सौंप दिया और साक्षी को उसके मायके वालों के हवाले कर दिया। विरोध करने पर पुलिस ने पीड़िता व उसके मायके वालों को हड़काकर वहां से भगा दिया। इससे आहत साक्षी के पिता बिजेंद्र ने शामली में चार अगस्त को साक्षी के पति सन्नी, ससुर धनवीर, सास कुसुमलता व सौराज के खिलाफ दहेज उत्पीड़ऩ व अन्य आरोपों में एफआईआर दर्ज करा दी।

इसके बाद बच्चे की कस्टडी लेने की खातिर साक्षी ने आला अफसरों के यहां गुहार लगाई, जिन्होंने मामले को फैमिली कोर्ट भेज दिया गया। पीड़िता का आरोप है कि यहां भी उसकी सुनवाई नहीं हुई। महिला का कहना है कि जब उसे पुलिस से भी न्याय नहीं मिला तो वह मरती नहीं तो आखिर क्या करती?  

जिला जज ने इमारत की छत पर जाने के रास्ते बंद कराए
मुजफ्फरनगर। जिला जज संजय कुमार पचौरी ने इस घटना के बाद घटना स्थल का निरीक्षण किया। मौके पर सुरक्षा में तैनात और इस महिला का बचाने वाले पुलिस कर्मियों से घटना की जानकारी लेकर उन्हें शाबादी दी। उन्होंने इमारत की छत व खिड़की पर जाने के सभी रास्ते बंद करने के  आदेश दिए, ताकि ऐसी घटना की पुनरावृत्ति न होने पाए। 

परिजनों के हवाले की गई साक्षी
मुजफ्फरनगर। न्यायिक परिसर में आत्महत्या का प्रयास करने वाली साक्षी को मंगलवार शाम समझा-बुझाकर शांत करने के साथ ही कार्रवाई का आश्वासन देकर उसके परिजनों को सौंप दिया गया। अफसरों ने साक्षी से बात कर उसकी सभी समस्याओं का अपने स्तर से हल करने का आश्वासन दिया।

इसके साथ ही मंसूरपुर थाना पुलिस पर लगाए गए आरोपों की जांच करने की भी बात कही गई। इसके बाद सिविल लाइंस थाने से ही शाम के समय साक्षी को उसकी मां उषा देवी व भाई राहुल अपने साथ लेकर खेड़ीकरमू के लिए रवाना हो गए।       
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