फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

भाकियू ने कलक्ट्रेट में गन्ने की होली जलाई, मात्र दस रुपये बढ़ाने पर रोष जताया

Sun, 29 Oct 2017 01:01 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
विज्ञापन
गन्ने की होली जाते किसान। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
भाकियू कार्यकर्ताओं ने शनिवार को कलक्ट्रेट पहुंचकर गन्ने की फसल की होली जलाई। भाकियू ने भाजपा सरकार पर किसान विरोधी होने के आरोप लगाते हुए जहां पूर्ववर्ती सरकारों के कामकाज की प्रशंसा की, वहीं चेतावनी दी कि यदि सरकारों ने किसानों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया तो करमूखेड़ी जैसा आंदोलन दोहराने से पीछे नहीं हटा जाएगा। गन्ना मूल्य मात्र दस रुपये बढ़ाने पर रोष जताया। गेहूं और गन्ने की फसल पर बोनस की मांग की गई।   
विज्ञापन


गन्ना समर्थन मूल्य में मात्र दस रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी से नाराज भाकियू ने शनिवार को प्रदेश व्यापी आंदोलन किया। भाकियू कार्यकर्ता महावीर चौक स्थित पार्टी कार्यालय पर एकत्र हुए और यहां से जुलूस के रूप में कलक्ट्रेट पहुंचे। भाकियू जिलाध्यक्ष राजू अहलावत के नेतृत्व में किसानों ने भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और गन्ने की होली जलाई। डीएम कार्यालय के समक्ष धरना शुरू कर दिया।

मंडलाध्यक्ष ओमपाल मलिक ने कहा कि आज किसानों को कमजोर और मिल मालिकों को ताकतवर समझा जा रहा है। प्रदेश की भाजपा सरकार ने पुरानी सरकारों के कामकाज को अच्छा कहलवा दिया है। पिछली सरकारों ने गन्ना मूल्य में 40 रुपये से कम बढ़ोतरी नहीं की, लेकिन ये सरकार 10 रुपये की वृद्धि कर किसानों के साथ मजाक कर रही है। योगी सरकार के मंत्री कहते हैं कि हमने मिलों से शत-प्रतिशत बकाया किसानों के खातों में पहुंचा दिया है, लेकिन हकीकत यह है कि शुगर मिलों पर सरकार का कोई बस नहीं चल पा रहा है।
विज्ञापन


मिलों में पेराई सत्र शुरू हो चुका है और पिछला बकाया नहीं मिल पा रहा है। मंत्री और सरकार झूठ बोलकर ठगने का काम कर रही है।  राजू अहलावत ने कहा कि यूपी में चुनाव के समय भाजपा ने गन्ना मूल्य, गन्ना बकाया और घटतौली का मुद्दा बड़े पैमाने पर उठाते हुए सत्ता मिलने पर समाधान का भरोसा दिया था, परंतु सरकार गठन के बाद भाजपा किसानों को उनकी फसल का लाभकारी मूल्य दिलाने में विफल साबित हो रही है।  

सीएम योगी आदित्यनाथ के नाम एडीएम को ज्ञापन सौंपा गया। इसमें गन्ना मूल्य पर पुनर्विचार करते हुए 450 रुपये प्रति कुंतल करने, धान और गेहूं की फसल पर 200 रुपये प्रति कुंतल बोनस दिए जाने की मांग की गई है।  इस दौरान मुख्य रूप से धर्मेन्द्र मलिक, भूपेन्द्र राठी, सुभाष बालियान, नीरज पहलवान, नीटू दुल्हैरा, राजू पीनना आदि किसान मौजूद रहे।  

गन्ना मूल्य पर रालोद, का कलक्ट्रेट में प्रदर्शन       
मुजफ्फरनगर। पूर्व मंत्री और रालोद नेता योगराज सिंह ने किसानों के साथ कलक्ट्रेट पहुंचकर प्रदेश सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने घोषित गन्ना मूल्य को नाकाफी बताते हुए सरकार से 450 रुपये प्रति क्विंटल करने की मांग की। शनिवार को किसानों के साथ डीएम कार्यालय पहुंचे पूर्व मंत्री योगराज ने धरना दिया। उन्होंने प्रदेश के राज्यपाल के नाम संबोधित ज्ञापन एडीएम वित्त सुनील कुमार सिंह को सौंपा।

इसमें उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने इस सत्र के लिए गन्ना मूल्य में 10 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की है, जो लागत को देखते हुए बेहद कम है, जबकि चीनी के दाम उच्च स्तर पर बने हुए हैं। इसको देखते हुए गन्ना मूल्य 450 रुपये प्रति क्विंटल घोषित करें। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने ऐसा नहीं किया तो रालोद किसान प्रकोष्ठ बड़ा आंदोलन करेगा। गत वर्ष का बकाया गन्ना मूल्य तत्काल दिलाने, कोल्हू संचालन पर प्रदेश सरकार द्वारा प्रदूषण बोर्ड का काला कानून वापस कराने और स्थानीय स्तर की समस्याओं का तत्काल समाधान कराने की मांग की गई। अध्यक्षता एमएलसी मुश्ताक चौधरी औन संचालन रालोद किसान प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष इरशाद चौधरी ने किया।  
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें