- जौली पुल पर बंद हुआ आवागमन, निरगाजनी में बाधा बन रहे वन विभाग के पेड़
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संवाद न्यूज एजेंसी
भोपा। गन्ने का सीजन शुरू हो गया है। गन्ने से भरे वाहन इस बार भी पुराने जर्जर गंग नहर पुलों से ही गुजरेंगे। भोपा नहर पुल में जहां दरारें आई हैं। वहीं, निरगाजनी गंग नहर झाल पुल में गहरे गड्ढे बने हुए हैं। कहीं वन विभाग के पेड़ नहर पुल को अंतिम रूप देने में आड़े आ रहे हैं तो कहीं अन्य समस्याएं पुल निर्माण में बाधक हैं। जौली गंग नहर पुल पर शुरू हुए आवागमन को एक बार फिर रोक दिया गया है।
भोपा तथा आसपास के क्षेत्र में पिछले लगभग दो वर्षों से गंग नहर पर पुलों का निर्माण कार्य जारी है। पुलों के निर्माण की अवधि भी लगभग पूरी हो चुकी है, इसके बाद भी अभी काफी कार्य गंग नहर पुलों को अंतिम रूप देने के लिए बचा हुआ है। गन्ने का सीजन शुरू होने के कारण इस बार भी किसानों को जर्जर गंग नहर पुलों से ही गुजरना पड़ेगा। भोपा गंगनहर पुल की बात करें तो यहां अभी भी स्लैब, अप्रोच आदि सहित अन्य कार्य अधूरे हैं। निरगाजनी का पुराना पुल पूरी तरह से जर्जर हो चुका है और पुल के बीच में गड्ढे बन गए हैं। इसी पुल से वाहनों का आवागमन है, जो खतरे से खाली नहीं।
इस पुल का निर्माण अभी बीच में रुका हुआ है, इसका कारण वन विभाग के पेड़ों की कटाई न होना है। जौली गंगनहर पुल को तैयार कर दिया गया था जिस पर आवागम भी शुरू हो गया था। पुल पर स्लैब डाले गए हैं, जिससे पिछले लगभग दो सप्ताह से वाहनों की आवाजाही बंद है। जेई मोहम्मद हुसैन का कहना है कि जौली के नव निर्माण पुल के छोर पर स्लैब डाले गए है इसलिए वाहनों का आना-जाना बंद है। जल्द ही चालू किया जाएगा। भोपा में अभी कुछ महत्वपूर्ण कार्य चल रहा है। निरगाजनी पुल को अंतिम रूप देने में वन विभाग के पेड़ आड़े आ रहे हैं।