खेतों में गन्ने का उत्पादन, मिलों में चीनी की रिकवरी गिरी
मुजफ्फरनगर। जिले में इस बार किसानों के खेतों में गन्ने का उत्पादन और चीनी मिलों में चीनी की रिकवरी घट गई है। बीते वर्ष 26 नवंबर तक मिलों में रिकवरी 10.46 प्रतिशत थी और क्रमिक प्रतिशत 11.15 पर आ गया था। इस सत्र में चीनी मिलों का चीनी परता का औसत इस समय 9.79 प्रतिशत है और क्रमिक प्रतिशत 10.12 है। बीते वर्ष देरी तक गन्ना पेराई होने और अब कटाई के दौरान गन्ने का मेच्योर नहीं होने से रिकवरी में यह स्थिति सामने आ रही है।
बीते वर्ष किसानों के खेतों में गन्ने की बंपर पैदावार और चीनी मिलों में चीनी की रिकवरी ने पुराने सभी रिकार्ड ध्वस्त कर दिए थे। सीजन के शुरू में ही बीते वर्ष चीनी परता अच्छा आने लगा था। बीते वर्ष 26 नवंबर को चीनी परता का कुल औसत 10.46 प्रतिशत था और क्रमिक यानि 26 नवंबर को 11.15 प्रतिशत की रिकवरी चीनी मिलों को मिली थी। इस सत्र में सब उल्टा-पुल्टा हो गया है। खेतों में उत्पादन तो दस से लेकर 20 प्रतिशत तक गिरा ही है। चीनी मिलों में रिकवरी भी घट गई है। चीनी मिलों में 26 नवंबर तक का चीनी परता का कुल औसत 9.79 प्रतिशत है। अभी तक चीनी मिलें दस प्रतिशत भी क्रास नहीं कर पाई है। क्रमिक औसत ही अभी तक केवल 10.12 प्रतिशत पर पहुंचा है। यह बीते वर्ष से 1.03 प्रतिशत कम है। किसानों के साथ चीनी मिलें भी इस बार बीते वर्ष के मुकाबले घाटे में रहेगी।
चीनी मिल चीनी परता अब तक
खतौली 10.18 प्रतिशत
तितावी 9.55 प्रतिशत
भैसाना 10.07 प्रतिशत
मंसूरपुर 10.02 प्रतिशत
टिकौला 10.03 प्रतिशत
खाईखेडी 8.79 प्रतिशत
रोहाना 10.03 प्रतिशत
मोरना 9.23 प्रतिशत
गन्ने को तैयार होने में कम समय मिला
मुजफ्फरनगर। जिला गन्ना अधिकारी आरडी द्विवेदी का कहना है कि इस सत्र में गन्ने को खेतों में तैयार होने के लिए कम समय मिला। बीते सत्र में देर तक गन्ने की कटाई होने के कारण गन्ना सही प्रकार से मेच्योर नहीं हो पाया। यही कारण है कि उत्पादन और रिकवरी दोनो पर असर पड़ा है।