फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Muzaffarnagar News: हर साल घट रहा गन्ना उत्पादन, तीसरा स्थान भी खोया

विज्ञापन
किनौनी गांव में गन्ने का खेत : संवाद
विज्ञापन
मुजफ्फरनगर। गन्ने का घटता उत्पादन किसानों की चिंता बढ़ा रहा है। गन्ना विभाग की ओर से जारी किए गए पेराई सत्र 2025-26 के आंकड़ों में प्रति हेक्टेयर सिर्फ 900.96 लाख क्विंटल गन्ने की औसत पैदावार हुई। तीन साल पहले जिले में उपज 953.16 दर्ज हुई थी। पिछले तीन साल से पैदावार में तीसरे स्थान पर काबिज मुजफ्फरनगर अब गाजियाबाद से पीछे छूटकर चौथे स्थान पर चला गया है।
विज्ञापन

सहारनपुर परिक्षेत्र में आने वाला शामली गन्ने की पैदावार में पहले स्थान पर है, यहां किसानों ने प्रति हेक्टेयर 969.12 लाख क्विंटल गन्ने की पैदावार की। हालांकि पिछले सत्र के मुकाबले यहां भी पैदावार घटी है। पेराई सत्र 2024-25 में शामली ने प्रति हेक्टेयर 1016 लाख क्विंटल गन्ना पैदा किया था।
पिछले पेराई सत्र में मुजफ्फरनगर ने 945.12 और इससे पहले पेराई सत्र 2023-24 में 953.16 लाख क्विंटल गन्ना पैदा किया था। 0238 में बीमारियां बढ़ने के साथ-साथ पैदावार कम होती चली गई। नए बीजों में किसानों के मनमाफिक बीज अभी तक नहीं मिल सका है। यही वजह है कि किसानों के पास अभी भी 0238 का रकबा सबसे ज्यादा है। फसल को संभालने के लिए किसान अधिक खर्च कर रहे हैं लेकिन पैदावार कम होने से लागत निकालने पर भी संकट के बादल हैं।
विज्ञापन

-
प्रदेश में पहले 10 स्थान हासिल करने वाले जिले
जिला औसत उपज (क्विंटल/हेक्टेयर)
शामली 969.12
बागपत 914.16
गाजियाबाद 908.68
मुजफ्फरनगर 900.96
मेरठ 888.68
बुलंदशहर 886.64
बिजनौर 881.12
संभल 861.08
अलीगढ़ 857.88
लखीमपुर खीरी 852.56

पौने दो लाख किसान पैदा करते हैं गन्ना
मुजफ्फरनगर। जिले में करीब सवा दो लाख किसान है। इनमें से पौने दो लाख किसानों की पहली पसंद गन्ना है। किसान खतौली, तितावी, बुढ़ाना, मंसूरपुर, टिकौला, खाईखेड़ी, रोहाना और मोरना सहकारी चीनी मिल में गन्ना सप्लाई करते हैं। इसके अलावा मेरठ, बागपत और सहारनपुर की चीनी मिलों को भी जिले से गन्ना आवंटन होता है।

किसानों को कर रहे जागरूक : सिसौदिया
जिला गन्ना अधिकारी संजय सिसौदिया ने कहा कि किसानों को जागरूक किया जा रहा है। पिछले सालों में औसत उपज कम हुई है। आने वाले पेराई सत्र के लिए गन्ना रकबे का सर्वे शुरू करा दिया गया है, इसके आंकड़े भी जल्द ही आ जाएंगे। किसानों को बेहतर बीज का चयन करना होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें