गांव रायपुर नंगली में शुगर मिल व गन्ना समिति के अधिकारियों के कहने पर किसानों द्वारा लिया गया गन्ने का बीज खराब होने पर डीसीओ ने मुआवजा न मिलने पर एक सप्ताह बाद पर शुगर मिल पर मुकदमा दर्ज कराने की बात कही है। डीसीओ के आश्वासन पर भाकियू ने ज्येष्ठ गन्ना निरीक्षक व शुगर मिल के एजीएम केन को जंगल में बुधवार की देर शाम को बंधकमुक्त किया।
रायपुर नंगली गांव निवासी किसान भाकियू के ग्राम अध्यक्ष आशु ने शुगर मिल व गन्ना समिति के अधिकारियों के कहने पर अपने पांच बीघा खेत में सीओ 0238 गन्ने का बीज की बुआई की थी। सीओ 0238 गन्ने का बीज में फंगस लगने से खेत में पूरी तरह से खराब हो गया था।
जिसको लेकर बुधवार की सुबह भाकियू जिलाध्यक्ष राजू अहलावत व कार्यकर्ताओं ने गन्ना समिति के ज्येष्ठ गन्ना निरीक्षक विश्वामित्र पाठक व शुगर मिल के एजीएम केन एके सिंह जंगल में ही खेतों पर बंधक बनाकर बैठा लिया था। इस मामले को लेकर भाकियू ने मिल से किसान के नुकसान की भरपाई के लिए मुआवजा दिलाए जाने की मांग की थी।
बुधवार को देर शाम जिला गन्ना अधिकारी ओमप्रकाश से वार्ता हुई। वार्ता में डीसीओ ने कहा कि अगर शुगर मिल ने किसान एक सप्ताह में मुआवजा नहीं दिया तो, मिल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। उधर मिल अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में जांच के बाद किसान को मुआवजा देने पर विचार किया जाएगा। डीसीओ के इस आश्वासन के बाद ही भाकियू ने देर शाम को दोनों अधिकारियों को बंधकमुक्त किया।