शुगल मिल पर हंगामा करते किसान।
- फोटो : अमर उजाला
डीएम के आदेश के बावजूद गन्ना आपूर्ति करने वाले नये सदस्यों का नवीन पंजीकरण न होने से गुस्साए किसानों ने भाकियू कार्यकर्ताओं के साथ मोरना शुगर मिल के प्रांगण में प्रशासनिक कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया। भाकियू कार्यकर्ताओं ने नए गन्ना पेराई सत्र को 25 अक्टूबर से आरंभ करने की मांग की ।
दि गंगा किसान सहकारी चीनी मिल द्वारा 2 वर्ष से नए गन्ना आपूर्ति करने वाले सदस्यों का पंजीकरण नहीं हो पाया है। जिसके कारण क्षेत्र के किसानों को कम कीमत पर कोल्हुओं में डालना पड़ता है। क्षेत्र में मिल होने के बावजूद किसानों का भारी शोषण हो रहा है। जिसके विरोध में किसानों ने भाकियू कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर शुगर मिल में प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान भाकियू ब्लाक अध्यक्ष योगेश शर्मा ने कहा कि जिलाधिकारी द्वारा 2 वर्ष पूर्व शुगर मिल में नए सदस्यों के पंजीकरण के आदेश हो चुके थे।
इसके बावजूद मिल प्रशासन की लापरवाही के चलते नए पंजीकरण नहीं हो पा रहे हैं। भाकियू ने नये गन्ने सत्र के पेराई सत्र के लिए शुगर मिल 25 अक्टूबर से चलाने की मांग करते हुए कहा कि अबकी बार अगेती प्रजाति की फसल क्षेत्र में 70 प्रतिशत के करीब है। इसलिए रिकवरी में कोई कमी नहीं आएगी। किसानों के बीच पहुंचे मुख्य प्रबंधक भोलाराम यादव व मुख्य गन्नाधिकारी एके सिंह ने किसानों की मांगों पर विचार करने का आश्वासन दिया।
मिल प्रबंधक भोलाराम यादव ने बताया कि पहले से ही मिल ओवरलोड की स्थिति में चल रही है। ऐसे में नए किसानों का पंजीकरण करने से समस्या उत्पन्न होना स्वाभाविक है। प्रदर्शन करने वालों में धर्मपाल राठी, पुष्पेंद्र, काजी मुजीबुर्रहमान, ललित सहरावत, सरदार अमीर सिंह, अशोक, हरपाल सिंह, यशपाल , बिल्लू, सरबजीत सिंह, नरेंद्र, सत्यपाल, अजय, नरेश आदि किसान शामिल रहे।