फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मुजफ्फरनगर नगर पालिका ईओ के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज, बिना अनुमति कई दिनों से हैं नदारद

Sat, 20 Apr 2019 12:30 AM IST
Deepak Kausik अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
विज्ञापन
प्रतीक फोटो।
विज्ञापन
बिना बताए कार्यालय से नदारद रहने तथा अधिकारियों का फोन भी रिसीव नहीं करने के मामले में मुजफ्फरनगर नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी अमित कुमार सिंह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। ईओ सफाई व्यवस्था को लेकर बृहस्पतिवार को हुई डीएम की बैठक में भी नहीं शामिल हुए।
विज्ञापन

अतिरिक्त मजिस्ट्रेट अजय कुमार अंबष्ट की ओर से शहर कोतवाली में दर्ज कराई गई रिपोर्ट में कहा गया है कि नगर पालिका के ईओ अमित कुमार सिंह अपने कार्यालय में नहीं मिलते तथा उच्चाधिकारियों के आदेशों का अनुपालन नहीं करते।

डीएम की बैठक में भी शामिल नहीं होते हैं। वह 12 अप्रैल से जिला मुख्यालय पर नहीं हैं और न ही किसी सक्षम अधिकारी से अनुमति लेकर गए हैं। फोन भी रिसीव नहीं कर रहे हैं। डीएम अजय शंकर पांडेय ने ईओ की इस लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश दिए। डीएम ने ईओ के खिलाफ प्रमुख सचिव तथा मुख्य सचिव को भी रिपोर्ट भेज दी है। उधर, ईओ अमित कुमार से संपर्क नहीं हो पाया।
विज्ञापन


शहर में गंदगी से बुरा हाल, संक्रामक रोगों की आशंका
मुजफ्फरनगर। करीब पांच लाख की आबादी वाले मुजफ्फरनगर शहर में कूड़ा निस्तारण बड़ी समस्या है। शहर की सफाई व्यवस्था बदहाल है। कूड़ा निस्तारण की कोई व्यवस्था नहीं है। इसके बावजूद ईओ का कुछ पता नहीं है। उनके खिलाफ दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा गया है कि शहर में गंदगी से बुरा हाल हो रहा है। संक्रामक रोग फैलने की आशंका है। इसके बावजूद ईओ अपनी जिम्मेदारी नहीं समझ रहे, जबकि डीएम स्वयं सफाई नायकों की बैठक लेकर सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ करने का प्रयास कर रहे हैं।

डीएम ने पहले भी शासन को लिखा पत्र
मुजफ्फरनगर। ईओ अमित कुमार सिंह अपनी तैनाती के बाद से ही इसी तरह की लापरवाही कर रहे हैं। उनकी तैनाती 19 जनवरी को हुई थी। उनके यहां आने से पहले नगर पालिका में ईओ का चार्ज विवादों में घिरा था। कभी सिटी मजिस्ट्रेट अतुल कुमार को चार्ज मिल जाता तो कभी एसडीएम कुमार भूपेंद्र को बाद में ईओ के रूप में अमित कुमार सिंह की नियमित तैनाती हुई तो इस विवाद के समाप्त होने की उम्मीद जगी, लेकिन उनका रवैया भी ठीक नहीं रहा। अपनी तैनाती के बाद से वे अक्सर जिले से गायब ही रहे। महत्वपूर्ण बैठकों में भी उनकी मौजूदगी नहीं दिखी। इस पर डीएम ने कुछ दिन पूर्व शासन को उनके खिलाफ पत्र लिखा था। इसके बावजूद ईओ नहीं सुधरे। अब फिर डीएम ने उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के साथ ही शासन को भी रिपोर्ट भेजी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें