भोपा गंगनहर में छात्रा ने कूदकर आत्महत्या का प्रयास किया। भोपा के कुछ युवकों ने छात्रा का गंगनहर से निकाला। उसे भोपा सीएचसी में भर्ती कराया गया। आरोप है कि कॉलेज के प्रबंधक और शिक्षक ने बच्चों के सामने उसकी बेइज्जती की, जिससे क्षुब्ध होकर छात्रा ने जान देने का प्रयास किया। छात्रा के पिता ने थाने पर कॉलेज प्रबंधक और शिक्षक के खिलाफ तहरीर दे दी। पुलिस जांच पड़ताल कर रही है।
क्षेत्र के ग्राम मोरना निवासी ग्रामीण ने भोपा थाने पर इस संबंध में तहरीर दी। तहरीर के अनुसार उसकी बेटी बेहड़ा सादात के मुख्य मार्ग पर स्थित एक इंटर कालेज में कक्षा 11 वीं में पढ़ती है। छात्रा बीमार होने के कारण कुछ दिनों से कॉलेज नहीं जा रही थी। मंगलवार को जब वह कॉलेज पहुंची तो आरोप है कि कॉलेज के प्रबंधक और एक अध्यापक ने प्रार्थना सभा के बाद छात्रा को मंच पर बुला लिया। छात्रा पैंट शर्ट पहनती है।
आरोप है कि दोनों ने सभी बच्चों के सामने छात्रा की बेइज्जत करते हुए मारपीट की और कहा कि तू लड़की है, लड़का है। नहीं पढ़ना तो कॉलेज नहीं आना। इस उत्पीड़न और बेइज्जती से क्षुब्ध होकर छात्रा ने भोपा गंगनहर में छलांग लगा दी। वहां पर मौजूद कुछ युवकों भोपा निवासी प्रवेश उर्फ घोला, अंकित तिगरी, रोहित, सिंचाई विभाग कर्मचारी सुशील ने गंग नहर में कूद कर उसे बचा लिया। बाद में छात्रा को भोपा सीएचसी पर भर्ती कराया गया। छात्रा के पिता ने प्रबंधक और अध्यापक के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की। पुलिस जांच-पड़ताल कर रही है।
उधर, कॉलेज के प्रबंधक संजीव कुमार का कहना है कि छात्रा मंगलवार को कॉलेज में नहीं आई है, वह सोमवार को अपनी बड़ी बहन के साथ कॉलेज आई थी। छात्रा के परिजन यह भी आरोप लगाते आए हैं इसी स्कूल से कक्षा 12वीं पास करने वाली हमारी बड़ी बेटी को सरकार द्वारा दिये जाने वाले तीस हजार रुपये नहीं दिलाए, जबकि वह धनराशि 80 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाली छात्राओं को मिली है। मेरे तथा शिक्षक के ऊपर लगाए गए आरोप निराधार हैं।